छेड़खानी की शिकायत से मचा हड़कंप, जांच के घेरे में पूरा खेल
देवरिया। जिले के रामपुर कारखाना विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय विशुनपुर कला (महुआबारी) से जुड़े विवाद में अब एक महिला की ओर से छेड़खानी के आरोप को लेकर नया मोड़ सामने आया है। गौरी बाजार क्षेत्र के चंद्रशेखर इंटर कॉलेज, देवगांव में परिचारक के पद पर कार्यरत बताए जा रहे देवेश कुमार मल्ल के खिलाफ महिला द्वारा दिए गए शिकायत पत्र के मीडिया तक पहुंचने की प्रक्रिया ने पूरे मामले में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, महिला का शिकायत पत्र विकास भवन के आसपास मीडिया कर्मियों को उपलब्ध कराया गया। आरोप है कि यह पत्र प्राथमिक विद्यालय विशुनपुर कला में तैनात सहायक अध्यापक शक्ति सिंह के माध्यम से मीडिया तक पहुंचा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और महिला द्वारा लगाए गए छेड़खानी के आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
विद्यालय विवाद के बीच आई दूसरी शिकायत
प्राथमिक विद्यालय विशुनपुर कला को लेकर पिछले कुछ समय से सहायक अध्यापिका मनीषा शर्मा और प्रधानाध्यापिका रमा सिंह से संबंधित विवाद और खबरें सामने आती रही हैं। इसी बीच प्रधानाध्यापिका रमा सिंह के पति देवेश कुमार मल्ल के खिलाफ छेड़खानी की शिकायत सामने आने से घटनाक्रम ने नया रूप ले लिया है।
सबसे अहम सवाल शिकायत की टाइमिंग और उसके मीडिया तक पहुंचने के तरीके को लेकर है। यदि शिकायतकर्ता के साथ वास्तव में कोई आपत्तिजनक घटना हुई है तो पुलिस और सक्षम अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया उपलब्ध है। ऐसे में शिकायत पत्र का मीडिया तक पहुंचना और उसमें ऐसे व्यक्ति का नाम सामने आना, जिसका संबंध विद्यालय से जुड़े विवाद से बताया जा रहा है, पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि की जांच को जरूरी बनाता है।
हालांकि, महज शिकायत पत्र के मीडिया तक पहुंचने के आधार पर शिकायत को झूठा या किसी साजिश का हिस्सा मानना भी उचित नहीं होगा। निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई हो और आरोप गलत साबित होने की स्थिति में किसी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी सामने आए।
खबर रोकने के दबाव का भी आरोप
इस प्रकरण में मीडिया पर खबर प्रकाशित नहीं करने के लिए दबाव बनाए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। यदि ऐसा हुआ है तो यह भी जांच का विषय है कि शिकायत को मीडिया तक पहुंचाने और बाद में खबर रोकने की कोशिश के पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
पूरे मामले में अब तीन सवाल सबसे महत्वपूर्ण हैं—शिकायत किसने तैयार कराई, शिकायत पत्र मीडिया तक किस माध्यम से पहुंचा और इसके पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था? निष्पक्ष जांच होने पर इन सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।
शिकायतकर्ता ने कहा—थाने में दी गई है शिकायत
इस संबंध में शिकायतकर्ता ज्योति सिंह से मोबाइल फोन पर संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि शिकायत संबंधित थाने में दी गई है और इस संबंध में वहीं से जानकारी ली जा सकती है।
महिला थाना प्रभारी ने कहा—दोनों पक्षों को बुलाया गया
महिला थाना प्रभारी पूनम यादव ने बताया कि शिकायत के आधार पर शिकायतकर्ता ज्योति सिंह और आरोपी देवेश कुमार मल्ल को बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर संबंधित थाने में नियमानुसार केस दर्ज कराया जाएगा।
फिलहाल मामले में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकलेगा। अब देखना यह है कि पुलिस जांच केवल छेड़खानी के आरोपों तक सीमित रहती है या शिकायत तैयार कराने और उसे मीडिया तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की भी पड़ताल होती है।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
दशकों से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय प्रेम शकर मणि वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में देवरिया व्यूरो के रूप में कार्यरत हैं। सटीक भाषा, तथ्यपरक संपादन और समाचारों को संतुलित रूप देने की उनकी क्षमता उनकी पहचान है।
