लखनऊ के आरटीओ व एआरटीओ कार्यालयों का औचक निरीक्षण
कानपुर और फतेहपुर में हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद हरकत में आया परिवहन विभाग
रवि गुप्ता
- एडिशनल प्रशासन मुख्यालय ने देवां रोड तो जोनल अयोध्या ने टीपीनगर परिवहन कार्यालयों का किया दौरा
लखनऊ। कानपुर परिवहन कार्यालय में अनियमितताओं से जुड़े शिकायतों को लेकर स्थानीय पुलिस व प्रशासन टीम द्वारा छापेमारी के बाद शासन ने दो एआरटीओ अफसरों को सस्पेंड किया तो वहीं पटल से संबंधित दो बाबुओं को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय मुख्यालय विजिलेंस जांच की संस्तुति कर दी। ऐसे में अभी कानपुर कांड की जांच की आंच धीमी भी नहीं पड़ी थी कि फिर फतेहपुर एआरटीओ कार्यालय में भी ऐसे ही प्रशासनिक कार्रवाई की गई और तमाम बाहरी लोगों को पकड़ा गया। इसके बाद फिर क्या, परिवहन विभाग मुख्यालय हरकत में आया और जन्माष्टमी पर्व अवकाश के दूसरे दिन शनिवार को ही मुख्यालय स्तर से आला अफसर, जोनल व आरटीओ अफसरों की अलग अलग टीमों ने लखनऊ सहित अन्य परिवहन कार्यालयों पर औचक निरीक्षण किया।
इसी क्रम में अपर परिवहन आयुक्त (प्रशासन) ने एआरटीओ कार्यालय विस्तार पटल, ट्रांसगोमती, देवा रोड का औचक निरीक्षण किया। वहां पर परिसर के बाहर व परिसर में खड़े आवेदकों से किया संवाद किया और सम्बन्धित सेवा प्रदाता कम्पनी को समस्त कार्मिकों के आईडी कार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उनके साथ डीटीसी लखनऊ जोन राधेश्याम भी मौजूद रहे।
वहां पर खड़े कुछ आवेदकों से यह भी पूछा गया कि उनसे किसी कार्मिक या व्यक्ति द्वारा कोई अतिरिक्त धनराशि की मांग तो नहीं की गयी है। इसके बाद हिमांशु जैन एआरटीओ प्रशासन ने उच्चाधिकारियों को बताया कि कम्पनी द्वारा उन्हें आईडी कार्ड उपलब्ध नहीं कराये गये हैं।
उपस्थिति पंजिकाओं को देखा जिसमें 02 सरकारी कार्मिक अनुपस्थित पाये गये जिसके बाद उनके वेतन रोकने के निर्देश दिये। कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की कवरेज की भी जांच की और कार्यालय में 13 सीसीटीवी कैमरे लगे पाये गये। इन कैमरों की संग्रहण क्षमता के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि कैमरों की 15 दिन की रिकार्डिंग सुरक्षित रहती है।
उन्होंने निर्देश दिये कि इस रिकार्डिंग को सायंकाल तक मुख्यालय को उपलब्ध कराया जाये। इसके साथ ही कार्यालय के समस्त रिकार्ड रूमों का भी निरीक्षण किया। इसी क्रम में परिवहन आयुक्त के निर्देश पर डीटीसी अयोध्या जोन राजकुमार ने टीपीनगर आरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां पर कोई अनधिकृत या बाहरी व्यक्ति नहीं मिला।
दो काउंटरों पर संबंधित बाबू अनुपस्थित मिले जबकि रजिस्टर पंजिका में कुछ प्रविष्टियां अधूरी मिलीं। इस दौरान डीटीसी ने मुख्य द्वार पर मौजूद आवेदकों व वाहन स्वामियों से सीधे बात की। इस क्रम में एआरटीओ प्रशासन पीके सिंह ने डीटीसी जोन को विभागीय कार्यप्रणाली की पूरी जानकारी दी।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
