शिक्षक दिवस पर छात्राएं बनीं शिक्षिका, संभाली कक्षा की कमान
कंपोजिट विद्यालय रनियामऊं में शिक्षक अमित तिवारी की अभिनव पहल, कक्षा आठ की छात्राओं ने पांचवीं के बच्चों को पढ़ाया
सफीपुर। शिक्षक दिवस पर कंपोजिट विद्यालय रनियामऊं में शिक्षक अमित तिवारी की अभिनव पहल ने विद्यार्थियों को शिक्षक की जिम्मेदारियों का प्रत्यक्ष अनुभव कराया। एक दिन के लिए कक्षा आठ की छात्राओं को शिक्षिका की भूमिका सौंपी गई। छात्राओं ने कक्षा पांच के विद्यार्थियों को पाठ पढ़ाने के साथ ही उनके सवालों के जवाब दिए, अनुशासन बनाए रखा और पूरी कक्षा का संचालन किया।
इस अनूठी गतिविधि का उद्देश्य बच्चों को महज शिक्षक का सम्मान करना सिखाना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षण की जिम्मेदारी और चुनौतियों का अनुभव कराना था। शिक्षिका की भूमिका निभाते हुए छात्राओं ने महसूस किया कि प्रत्येक बच्चे को समझाना, उसकी जिज्ञासाओं का समाधान करना और पूरी कक्षा में अनुशासन बनाए रखना आसान काम नहीं है।
शिक्षिका बनीं छात्रा अंबिका ने कहा कि बच्चों को पढ़ाना जितना आसान लगता था, वास्तव में उतना है नहीं। सभी बच्चों को समझाना और उनके सवालों का जवाब देना बड़ी जिम्मेदारी है। वहीं छाया ने बताया कि कक्षा के सामने खड़े होकर पढ़ाने से उसका आत्मविश्वास बढ़ा और उसे पहली बार शिक्षक की मेहनत और जिम्मेदारी का करीब से अनुभव हुआ।
कक्षा पांच के विद्यार्थी भी बड़ी बहनों से पढ़ने को लेकर खासे उत्साहित नजर आए। उन्होंने बेझिझक सवाल पूछे और छात्राओं ने उन्हें सरल तरीके से समझाकर उत्तर दिए। इस गतिविधि से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई।
‘बच्चों में छिपी नेतृत्व क्षमता सामने लाना उद्देश्य’
शिक्षक अमित तिवारी ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि बच्चों को शिक्षक की भूमिका और उसके पीछे छिपी मेहनत, धैर्य व जिम्मेदारी को समझाने का भी दिन है। बच्चों को जब जिम्मेदारी दी जाती है तो उनकी छिपी नेतृत्व क्षमता सामने आती है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में ‘करके सीखने’ और वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव कराने वाली गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबों तक सीमित न रहकर बच्चों को जिम्मेदार, आत्मविश्वासी और नेतृत्व करने वाला नागरिक बनाना है। इसी में शिक्षक दिवस की वास्तविक सार्थकता निहित है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में छह वर्षों का अनुभव रखने वाले मनीष तिवारी वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के उन्नाव ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उन्नाव में आधारित रहते हुए वह क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी रिपोर्टिंग और सटीक कवरेज करते हैं।
