बिलम्ब से गन्ना मूल्य भुगतान का व्याज दें चीनी मिलेंःभाकियू ने सौंपा ज्ञापन
बस्ती - गुरूवार को भारतीय किसान यूनियन जिलाध्यक्ष विनोद कुमार चौधरी के नेतृत्व में पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधि मण्डल ने जिला गन्ना अधिकारी को ज्ञापन देकर चीनी मिलों द्वारा 1996 से अब तक विलम्ब से भुगतान का व्याज तत्काल प्रभाव से गन्ना किसानों को दिलाये जाने की मांग किया।ज्ञापन देने के बाद जिलाध्यक्ष विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि अठदमा रूधौली चीनी मिल और वाल्टरगंज चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का वर्षो पुराना बकाया है किन्तु चीनी मिले भुगतान नहीं कर रही है। इसे तत्काल प्रभाव से दिलाया जाय।
भाकियू मण्डल अध्यक्ष जयराम चौधरी ने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के लखनऊ खण्ड पीठ ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है, जिसके तहत वर्ष 1996 से लेकर आज तक विलंब से किए गए गन्ना मूल्य भुगतान की पूरी ब्याज राशि किसानों को दी जानी है। भाकियू ने मांग की है कि प्रशासन इस समस्त ब्याज राशि को तत्काल इकट्ठा करे और एक सप्ताह के भीतर गन्ना किसानों को उपलब्ध कराए ताकि अन्नदाताओं को उनका हक सौंपा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने वाल्टरगंज और अठदमा (रुधौली) चीनी मिल द्वारा गन्ना मूल्य का ससमय भुगतान न किए जाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि भुगतान न होने के कारण किसानों में भारी रोष है और वे अपना गन्ना दूसरी मिलों को सप्लाई करने पर मजबूर हैं, जिससे स्थानीय मिलों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। भाकियू ने जिला गन्ना अधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर बकाया गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान कराने और मिलों के अस्तित्व को बचाने की मांग की है। संगठन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
जिला गन्ना अधिकारी को ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से त्रिवेनी चौधरी, कन्हैया प्रसाद, ब्रम्हदेव चौधरी, राम आज्ञा, सत्य प्रकाश दूबे, दिलीप चौधरी, राजेन्द्र शर्मा आदि शामिल रहे।
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पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
