बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना पर सवाल, मातृशक्ति का अपमान
लखनऊ । उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि रायबरेली की दिशा बैठक में सांसद राहुल गांधी का जोर जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा कर उन्हें गति देने के बजाय बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं में खामियां तलाश कर राजनीति करने पर अधिक रहा। उन्होंने अधिकारी से पूछा कि इस योजना में क्या होता है। यदि दिशा समिति के अध्यक्ष को ही योजना की जानकारी नहीं होगी तो उसका अनुश्रवण और समन्वय कैसे होगा।
दिनेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को अपने आवास पर मीडिया से कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि बेटियों और मातृशक्ति के सम्मान से जुड़ा अभियान है। रायबरेली में उन्होंने सांसद निधि से कराए गए कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास अपने निजी आवास के भीतर से किया, जबकि बाहर के गेट पर ताला लगा रहा। रायबरेली की दिशा बैठक में भी राहुल गांधी सांसद और समिति अध्यक्ष से ज्यादा नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में नजर आए। उनके साथ दिल्ली से आए तीन लोग पीछे बैठकर पर्चियों के माध्यम से निर्देश देते रहे।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में भी राहुल गांधी दूसरे दलों के सहयोग पर निर्भर दिखाई देते हैं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना देश के साथ विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों द्वारा भी की गई है। अखिलेश यादव के बुलंदशहर दौरे में हेलीपैड की अनुमति से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा अनुमति न मिलना किसी राजनीतिक भय का विषय नहीं है। योगी सरकार ने अखिलेश को कभी कहीं जाने से नहीं रोका और न इसकी आवश्यकता है। उन्होंने सपा अध्यक्ष की राष्ट्रीय लोकदल नेतृत्व से जुड़ी टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
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लेखक के बारे में
राजेश कुमार सिंह को पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी, एलएलबी और मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह हिंदी दैनिक ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। राजनीतिक, प्रशासनिक और शासन से जुड़े विषयों पर उनकी गहरी समझ है।
