पीजीआई में स्पाइन ट्रॉमा केयर हुई और मजबूत
— ओ-आर्म नेविगेशन तकनीक से पहली बार स्पाइनल फिक्सेशन सर्जरी
लखनऊ। पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में पहली बार ओ—आर्म और स्पाइनल नेविगेशन सिस्टम से एक मरीज के कशेरुका (रीढ़ की हड्डी) से पीड़ित रोगी के लिए न्यूनतम इनवेसिव स्पाइनल फिक्सेशन सर्जरी के सफल प्रदर्शन के साथ एडवांस ट्रामा केयर में एक और मील का पत्थर हासिल किया है। ये जानकारी डॉ.आशुतोष कुमार,एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख ने दी।

उन्होंने बताया यह सर्जरी डॉ.पवन वर्मा और डॉ.आशुतोष कुमार द्वारा एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख डॉ.अरुण श्रीवास्तव और न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अवधेश जायसवाल के मार्गदर्शन और सहयोग से सफलतापूर्वक की गई,जबकि एनेस्थीसिया टीम का नेतृत्व डॉ. वंश और डॉ. प्रतीक बैस ने किया। टीम ने परक्यूटेनियस पेडिकल स्क्रू फिक्सेशन का उपयोग किया,जो छोटे इन्साइज़र के माध्यम से की जाने वाली एक उन्नत न्यूनतम इनवेसिव स्पाइन स्थिरीकरण तकनीक है, जिससे रक्त की कम हानि, न्यूनतम ऊतक क्षति, कम पोस्ट ऑपरेटिव दर्द, छोटे निशान और रोगी की स्थिति में तेजी से सुधार होता है। डॉ.आशुतोष कुमार ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में स्पाइनल ट्रॉमा के लिए न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी नियमित रूप से की जा रही हैं। हालांकि, उन्नत ओ-आर्म इमेजिंग और नेविगेशन प्लेटफॉर्म की शुरुआत सर्जिकल सटीकता, सुरक्षा और रोगी देखभाल की समग्र गुणवत्ता में एक बड़ी छलांग है।
उन्होंने बताया कि यह तकनीक सर्जरी के दौरान कंप्यूटर-गाइडेड नेविगेशन के साथ वास्तविक समय की त्रि-आयामी इमेजिंग प्रदान करती है,जिससे जटिल स्पाइनल ट्रॉमा मामलों में भी स्पाइनल इम्प्लांट्स को अत्यधिक सटीक रूप से स्थापित किया जा सकता है। स्पाइनल इंस्ट्रूमेंटेशन की सटीकता और सुरक्षा में सुधार के अलावा, यह सिस्टम रोगियों और ऑपरेटिंग टीम दोनों के लिए रेडियेशन जोखिम को भी काफी कम करता है।
डॉ.पवन वर्मा ने बताया कि ओ-आर्म और नेविगेशन सिस्टम की स्थापना एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के लिए एक बड़ी तकनीकी/सर्जिकल उन्नति है और इससे मरीजों के घरों के करीब विश्व स्तरीय स्पाइन और ट्रॉमा देखभाल प्रदान करने की इसकी क्षमता में काफी मजबूती आती है। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश और पड़ोसी क्षेत्रों के नागरिक अब दूर के महानगरों की यात्रा किए बिना किफायती लागत पर उन्नत न्यूनतम इनवेसिव स्पाइनल सर्जरी का लाभ उठा सकते हैं। सर्जिकल टीम ने इस बात पर जोर दिया कि यह अत्याधुनिक तकनीक आम जनता के लिए उपलब्ध ट्रामा और स्पाइन देखभाल के स्तर को काफी बढ़ाएगी।
डॉ.आशुतोष कुमार के मुताबिक,एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में मरीजों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए भी उच्च-सटीकता वाली सर्जिकल देखभाल तक पहुंच सुनिश्चित होती है। एपेक्स ट्रॉमा सेंटर की न्यूरोसर्जिकल टीम में डॉ.वेद प्रकाश मौर्य,डॉ.सौमेन कांजीलाल और डॉ.श्रेयश राय भी शामिल हैं,जो मिलकर केंद्र में चौबीसों घंटे व्यापक न्यूरोसर्जिकल और स्पाइन ट्रामा देखभाल सेवाएं प्रदान करते हैं।
डॉ.अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार समर्थित ट्रॉमा केयर सेवाओं के तहत, चोट लगने के 24 घंटों के भीतर एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीज पहले 24 घंटे के लिए मुफ्त आपातकालीन उपचार के हकदार हैं, जिससे गंभीर और संभावित रूप से जानलेवा स्पाइनल चोटों का समय पर प्रबंधन संभव हो पाता है।
डॉ.अवधेश जायसवाल ने कहा कि यह उपलब्धि एसजीपीजीआई में उन्नत स्पाइन केयर सेवाओं को मजबूत करने और राज्य में रोगी देखभाल के लिए विश्व स्तर पर विकसित हो रही तकनीकों को लाने की दिशा में न्यूरो सर्जरी विभाग के अथक प्रयासों को दर्शाती है। संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर डॉ. आर.के. धीमन ने टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि उन्नत ओ-आर्म और नेविगेशन तकनीक का अधिग्रहण पीजीआई को एक उन्नत केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ने में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
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शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
