समाज कल्याण मंत्री ने की प्लास्टिक-मुक्त 'बड़ा मंगल' मनाने की अपील
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण 'बड़े मंगल' के पावन अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों के मंगलमान और भंडारा आयोजकों से एक विशेष अपील की है। उन्होंने आह्वान किया है कि इस बार हनुमान जी की सेवा का यह महापर्व न केवल श्रद्धा और उल्लास का प्रतीक बने, बल्कि 'स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा' का एक बड़ा उदाहरण पेश करें।
समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि सेवा और स्वच्छता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जब हम बजरंगबली के भक्तों की सेवा करते हैं, तो यह हमारा दायित्व है कि हम अपनी धरती माता को प्रदूषित न करें। भंडारों में प्लास्टिक या थर्माकोल की थाली, चम्मच और गिलास का उपयोग पूरी तरह से बंद करें। इनके स्थान पर पत्तल (दौना) और कागज के गिलासों का उपयोग करें।
अपशिष्ट प्रबंधन प्रत्येक भंडारा स्थल पर पर्याप्त मात्रा में कूड़ेदान रखें और यह सुनिश्चित करें कि भक्त जूठन इधर-उधर न फेंकें। आयोजक यह संकल्प लें कि भंडारा समाप्ति के बाद सड़क पर एक भी पत्तल या गंदगी शेष नहीं रहेगी। आयोजन स्थल को पहले से भी अधिक स्वच्छ छोड़ें। पीने के पानी का वितरण इस प्रकार करें कि पानी बर्बाद न हो।
असीम अरुण ने कहा कि सेवा भी, संकल्प भी बड़े मंगल की परंपरा लखनऊ की अनूठी 'गंगा-जमुनी तहजीब' और सेवा भाव का संगम है। मेरा सभी आयोजकों से विनम्र आग्रह है कि इस बार हम 'प्लास्टिक मुक्त बड़ा मंगल' मनाएं। आपकी एक छोटी सी पहल अपने शहर को स्वच्छ रखने और पर्यावरण को बचाने में बड़ी भूमिका निभाएगी। आइए, भक्ति के साथ अपनी नागरिक जिम्मेदारी भी निभाएं।"
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
