फर्जी नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले गिरोह के छह अपराधी गिरफ्तार
आरोपी ज्वाइनिंग व रजिस्ट्रेशन के नाम पर 15 से 30 हजार रुपये वसूलते थे
कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर नगर के हनुमंत विहार थाना क्षेत्र में फर्जी मल्टी-लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) और पिरामिड चैन सिस्टम चलाकर बेरोजगार युवाओं को 20 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के छह अपराधियों को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया है।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि शुरुआती जांच में यह एक संगठित ठगी का नेटवर्क सामने आया है। गिरोह विभिन्न राज्यों के बेरोजगार युवाओं को नौकरी का लालच देकर कानपुर बुलाता था और ज्वाइनिंग व रजिस्ट्रेशन के नाम पर 15 से 30 हजार रुपये तक वसूलता था। मामले में डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर अन्य आरोपितों की भी तलाश की जा रही है। यदि किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी इस तरह की ठगी हुई है तो वह पुलिस से संपर्क कर सकता है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित विन मेकर आयुर्वेदा प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी संचालित कर रहे थे। धनवंतरी आयुर्वेदा की फ्रेंचाइजी के माध्यम से मल्टी-लेवल मार्केटिंग का नेटवर्क चला रहे थे। गिरोह बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के बेरोजगार युवाओं को कॉल कर कानपुर में दवा पैकेजिंग और ऑफिस वर्क में 25 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी का झांसा देकर बुलाता था।
कानपुर पहुंचने पर युवाओं को कॉरपोरेट कार्यालय जैसा माहौल दिखाकर इंटरव्यू कराया जाता था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन और ज्वाइनिंग फीस के नाम पर 15 हजार से 30 हजार रुपये तक जमा कराए जाते थे। बदले में उन्हें सामान्य कीमत की किट, जिसमें कपड़े, तेल और साबुन जैसी सामग्रीे दी जाती थी।
इसके बाद युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें पिरामिड नेटवर्क से जोड़ा जाता था। उन्हें अपने रिश्तेदारों और परिचितों को इस नेटवर्क में जोड़ने का दबाव बनाया जाता था। प्रत्येक सदस्य को कम से कम दो नए लोगों को जोड़ने का लक्ष्य दिया जाता था। लक्ष्य पूरा नहीं होने पर वेतन रोकने और जमा धनराशि वापस न करने की धमकी दी जाती थी।
पुलिस ने रविन्द्र यादव, कमलेश कुमार, रोहित शाव, मंगल साक्य, राजू कुमार और मंतोष पासवान को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से छह स्मार्टफोन, एक सीपीयू, 3600 रुपये नकद तथा कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं। मोबाइल फोन में मिले चैट, ऑडियो और वीडियो के आधार पर पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
