ओबीसी वर्ग के मौन साधक नेता फायदे के चक्कर में चुप्पी साधे: आप
कृषि तकनीकी सहायक भर्ती में 588 पदों के आरक्षण घोटाले पर आप के विनय पटेल ने दी चुनावी चुनौती
- आरक्षण छीनकर युवाओं को घाव देने वाली भाजपा सरकार के अंत की शुरुआत अब तय है
लखनऊ। आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश के अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने हाल ही में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा कृषि विभाग में निकाली गई 'कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती' में हुए बड़े आरक्षण घोटाले का पर्दाफाश किया है। विनय पटेल ने बताया कि 2759 पदों पर निकली इस भर्ती में एससी, एसटी और ओबीसी समाज को संवैधानिक रूप से 1380 पद मिलने चाहिए थे, लेकिन सरकार ने षड्यंत्र के तहत मात्र 792 पद देकर पिछड़ों और दलितों की 588 नौकरियां छीन लीं।
उन्होंने चेतावनी दी कि आरक्षण पर डाका डालने वाली इस सामंतवादी सोच वाली भाजपा सरकार को उत्तर प्रदेश का युवा आगामी चुनावों में इसका पूरा हिसाब लेगा! पिछड़ों और दलितों के हक पर भाजपा सरकार ने Accept का बुलडोजर चलाया!
विनय पटेल ने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए कहा कि कृषि प्राविधिक सहायक भर्ती के 2759 पदों में ओबीसी समाज को मात्र 20% और एससी समाज को केवल 8% आरक्षण दिया गया, जबकि ईडब्ल्यूएस (EWS) का 10% कोटा पूरी तरह सुरक्षित रखा गया। इस धांधली के कारण ओबीसी समाज को 573, एससी को 213 और एसटी को मात्र 6 पद मिले, जिससे कुल 588 आरक्षित पद कम हो गए। यह सीधे तौर पर पिछड़ों और दलितों के संवैधानिक अधिकारों की हत्या है, जिसे आम आदमी पार्टी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
आगे आप नेता बोले कि मौन साधक नेता, अनुप्रिया पटेल और ओमप्रकाश राजभर जैसे नेता सत्ता के मोह में अपने समाज का भविष्य बेच रहे! आम आदमी पार्टी के नेता ने भाजपा के साथ गठबंधन में शामिल पिछड़े और दलित नेताओं पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि अनुप्रिया पटेल, ओमप्रकाश राजभर, संजय निषाद और जयंत चौधरी जैसे नेता अपनी जातियों के नाम पर वोट लेकर मंत्री-विधायक बने बैठे हैं, लेकिन जब उनके समाज के युवाओं की नौकरियां लूटी जा रही हैं, तो वे सत्ता के लालच में मौन हैं। इन नेताओं ने अपने समाज के साथ गद्दारी की है और जनता इन्हें अब कभी माफ नहीं करेगी।
प्रेस वार्ता के अंत में विनय पटेल ने हुंकार भरते हुए कहा कि भाजपा जब भी फंसती है, तो 'हिंदू खतरे में है' का राग अलापने लगती है, लेकिन असल में भाजपा के राज में इस देश का दलित, पिछड़ा और आदिवासी हिंदू ही सबसे ज्यादा खतरे में है। अब जब चुनाव आएगा, तो युवा वर्ग न केवल भारत माता की जय बोलेगा, बल्कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए भाजपा को सत्ता से बेदखल भी करेगा। प्रदेश का हर वो युवा जिसकी नौकरी इस सरकार ने छीनी है, वह वोट की चोट से इसका हिसाब लेगा।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
