69000 शिक्षक भर्ती : बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से अभ्यर्थियों ने की मुलाकात
21 जुलाई को होने वाली सुनवाई के लिए अधिवक्ता भेजने की मांग की
- 6 साल से इंतजार में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी, आरक्षण नियमों के पालन की उठाई आवाज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश 69000 शिक्षक भर्ती मामले को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने गुरुवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। 21 जुलाई को उक्त प्रकरण की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में होनी है और सरकार को अपना पक्ष रखना है।
अभ्यर्थियों ने मंत्री से मांग करते हुए कहा कि आगामी तिथि पर होने वाली सुनवाई के दौरान सरकार के अधिवक्ता कोर्ट में समय से उपस्थित होकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के हितों का ध्यान रखते हुए पक्ष रखे। जिससे हजारों वंचित आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।
शिक्षा मंत्री से मुलाकात करने वाले अमरेंद्र पटेल ने कहा की उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों के अनदेखी के कारण आरक्षित वर्ग के हजारों अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए। पिछले लगभग 6 वर्षों से आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी लगातार आरक्षण नियमों के पालन की मांग करते हुए चले आ रहें है।
लंबे आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने के बाद 13 अगस्त 2024 को लखनऊ हाई कोर्ट के डबल बेंच ने फैसला सुनाया और नियमों का पालन करते हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिए जाने का आदेश दिया था लेकिन हम आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिल सका। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। हमारी मांग है 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान सरकार का पक्ष रखने व विभाग की तरफ से नियुक्त अधिवक्ता अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे और हजारों आरक्षित वर्ग के अभ्यार्थियों को न्याय दिलाने के पक्ष में बहस करें।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
