सिल्टसे ईंट बनाने की आधुनिक तकनीक का लिया महापौर ने जायजा
दिल्ली जल बोर्ड के स्लज मैनेजमेंट प्लांट का महापौर ने किया निरीक्षण
- लखनऊ में बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन की संभावनाओं पर हुई चर्चा
लखनऊ। शनिवार लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने दिल्ली स्थित दिल्ली जल बोर्ड के स्लज मैनेजमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट में अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और स्लज प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया का विस्तार से अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस प्लांट में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले सिल्ट का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण कर ईंटों का निर्माण किया जा रहा है। इससे अपशिष्ट का सुरक्षित निस्तारण होने के साथ-साथ उसका उपयोग निर्माण कार्यों में भी किया जा रहा है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित पूरी तरह स्वचालित प्लांट है।

पहले एसटीपी से निकलने वाला स्लज सीधे यमुना नदी में चला जाता था, जिससे प्रदूषण की समस्या बढ़ती थी। अब उसी स्लज का वैज्ञानिक ढंग से उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय कार्य किया जा रहा है। महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि ऐसे नवाचार स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। इस अध्ययन भ्रमण से मिले अनुभवों का उपयोग लखनऊ में अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, प्रभावी तथा पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस स्लज मैनेजमेंट प्लांट का संचालन एसएसपी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। प्लांट में अपनाई जा रही तकनीक अपशिष्ट को उपयोगी संसाधन में बदलने का एक सफल उदाहरण है, जो अन्य नगर निकायों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
