लखीमपुर खीरी में कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद, शारदा नदी उफान पर
भारी बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए 2 सितंबर को अवकाश
बनबसा बैराज से 1.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, रेल सेवा भी प्रभावित
लखीमपुर खीरी। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश, जलभराव और अतिवृष्टि की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने बुधवार, 2 सितंबर को कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने मंगलवार शाम इस संबंध में आदेश जारी किया।
सभी बोर्ड के स्कूल रहेंगे बंद
जारी आदेश के अनुसार लखीमपुर खीरी जिले में परिषदीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से संचालित हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के कक्षा एक से आठ तक के सभी विद्यालय बुधवार को बंद रहेंगे।
हालांकि स्कूल बंद रहने के बावजूद सभी शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को विद्यालय में उपस्थित रहना होगा। वे ऑपरेशन कायाकल्प, डीबीटी, यू-डायस समेत अन्य विभागीय कार्यों का संपादन करेंगे।
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ा
भारी बारिश के बीच शारदा नदी के जलस्तर में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मंगलवार शाम करीब पांच बजे बनबसा बैराज से शारदा नदी में 1.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शाम छह बजे तक बैराज का डिस्चार्ज 1,87,232 क्यूसेक दर्ज किया गया।
पलिया में शारदा नदी का जलस्तर 154.120 सेमी दर्ज हुआ, जबकि यहां खतरे का निशान 154.590 सेमी है। जलस्तर बढ़ने से पलिया-भीरा और निघासन क्षेत्र के नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़, जलभराव और कटान का खतरा बढ़ गया है।
कई गांवों में जलभराव का खतरा
प्रशासन को देर रात तक शारदा नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। निघासन तहसील के ग्रंट नंबर 12 और उसके मजरा रंडौहा के अलावा दौलतापुर, खमरिया, बैलहा, लालपुर और लुधौरी समेत आसपास के मजरों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।
ग्रंट नंबर 12 के ग्रामीण पहले से ही नदी के कटान की समस्या झेल रहे हैं। जलस्तर बढ़ने के साथ कटान का खतरा बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ गई है।
मैलानी-नानपारा रेलखंड पर असर
भारी बारिश और जलभराव का असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा है। एक सितंबर को कई ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण मैलानी-नानपारा रेलखंड भी प्रभावित हुआ है।
भीरा और पलिया के बीच रेलवे लाइन के नीचे पानी का रिसाव होने के चलते रेल सेवाएं बाधित हुई हैं। रेलवे विभाग की ओर से मौके पर निगरानी बढ़ा दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नदी किनारे गांवों में अलर्ट
बाढ़ और जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों को जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास नहीं जाने की अपील की गई है।
प्रशासन ने लोगों से कहा है कि यदि जलस्तर बढ़ता है तो वे बिना देरी किए सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी भी की गई है।
बारिश के कारण बढ़ी परेशानी
जिले में लगातार बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में शारदा नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद नदी किनारे बसे इलाकों में खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है।
स्कूलों में अवकाश घोषित करने का फैसला भी इसी स्थिति को देखते हुए लिया गया है, ताकि छोटे बच्चों को जलभराव और बाढ़ प्रभावित रास्तों से होकर स्कूल आने-जाने की परेशानी न उठानी पड़े।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
