लगातार बारिश से खरीफ फसलों में रोग का खतरा, किसान रहें सतर्क
धान में शीथ ब्लाइट व स्टेम बोरर का प्रकोप, उड़द-मूंग में सूंडी रोग के लक्षण; कृषि अधिकारी ने बचाव के लिए दवाओं के छिड़काव की दी सलाह
रामनाथ सिंह, बिजनौर संवाददाता
बिजनौर। लगातार हो रही बारिश के कारण जनपद में खरीफ की प्रमुख फसलों उड़द, मूंग एवं धान में रोग लगने की संभावना बढ़ गई है। इसे देखते हुए जिला कृषि विभाग ने किसानों को समय रहते फसलों की निगरानी करने और रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नियंत्रण के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान मौसम को देखते हुए धान की फसल में शीथ ब्लाइट एवं स्टेम बोरर का प्रकोप दिखाई दे रहा है। फसल को रोगों से बचाने के लिए एजोक्सीस्ट्रोबिन 18.2 प्रतिशत + डिफेनोकोनाजोल 11.4 प्रतिशत + इमायोकोटिन बेंजोएट 5 प्रतिशत एसजी का 80 से 100 ग्राम प्रति एकड़ की निर्धारित मात्रा के अनुसार छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इससे प्रभावित फसल में रोगों के नियंत्रण में मदद मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि उड़द एवं मूंग की फसल में भी सूंडी रोग का प्रभाव दिखाई दे रहा है। इसके नियंत्रण के लिए किसानों को प्रभावित क्षेत्र में इमायोकोटिन बेंजोएट 5 प्रतिशत एसजी 80 से 100 ग्राम प्रति एकड़, टेबुकोनाजोल 50 प्रतिशत तथा ट्राइफ्लोक्सीस्ट्रोबिन 25 प्रतिशत के निर्धारित उपयोग के संबंध में कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार आवश्यक छिड़काव सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे खेतों में नियमित रूप से फसलों का निरीक्षण करें और रोग के शुरुआती लक्षण दिखाई देते ही नियंत्रण के उपाय अपनाएं। समय से उपचार किए जाने से फसलों की वृद्धि एवं विकास प्रभावित होने से बचाया जा सकता है और संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
