अस्पतालों में समय से नहीं पहुंचे डॉक्टर तो तय होगी जिम्मेदारी
मातृ-नवजात मौतों पर डीएम सख्त, मंझनपुर समेत तीन प्रभारी चिकित्साधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण; आयुष्मान कार्ड की धीमी रफ्तार पर नाराजगी, डीपीएम का वेतन रोकने के निर्देश
कौशाम्बी। जिले के सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को डॉक्टरों के इंतजार में भटकना न पड़े और उन्हें समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इसके लिए जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए हैं। उदयन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित कराने के साथ अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखने को कहा। समीक्षा के दौरान मातृ एवं नवजात मृत्यु के मामलों को लेकर भी डीएम ने गंभीरता दिखाई।
तीन प्रभारी चिकित्साधिकारियों से स्पष्टीकरण
विगत माह हुई मातृ मृत्यु और नवजात शिशु मृत्यु के मामलों की समीक्षा में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से मौत के कारणों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मातृ और नवजात मृत्यु के प्रत्येक मामले की गंभीरता से समीक्षा की जाए। गर्भवती महिलाओं को समय से जांच, उपचार और प्रसव की सुविधा मिले, वहीं जोखिम वाली गर्भावस्था के मामलों की प्रभावी निगरानी की जाए। किसी महिला या नवजात को समय पर उपचार न मिलने के कारण जान न गंवानी पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को विशेष सतर्कता बरतनी होगी।
ये खबर भी पढ़े : पुलिस अधीक्षक द्वारा लंबित विवेचनाओं एवं IGRS प्रकरणों की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देशलापरवाही के मामलों में जवाबदेही तय करने के संकेत देते हुए जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्साधिकारी मंझनपुर, नेवादा और सराय अकिल से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
अस्पतालों में समय से डॉक्टरों की मौजूदगी पर जोर
डीएम ने चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की उपस्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी निर्धारित समय पर अस्पतालों में मौजूद रहें। अस्पताल आने वाले मरीजों को समयबद्ध उपचार और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी और सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को अस्पतालों की व्यवस्थाओं की प्रभावी निगरानी के निर्देश दिए।
उप स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्यों की समीक्षा में उन्होंने लंबित कार्यों को जल्द पूरा कराने को कहा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए चल रहे कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
टीकाकरण से छूटे बच्चों को तलाशेगा स्वास्थ्य विभाग
नियमित टीकाकरण की समीक्षा में ड्यूलिस्ट के आधार पर छूटे बच्चों को चिह्नित कर उनका शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में भी अपेक्षित प्रगति लाने को कहा गया।
परिवार कल्याण कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति हासिल करने के निर्देश दिए गए। 102 और 108 एंबुलेंस सेवा तथा एएनसी पंजीकरण की स्थिति में सुधार लाने पर भी जोर दिया गया।
आयुष्मान कार्ड की धीमी रफ्तार पर जताई नाराजगी
आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनाए जाने की प्रगति अपेक्षित नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को पात्र लोगों तक पहुंच बनाकर आयुष्मान कार्ड बनाने की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
ई-कवच पोर्टल पर फीडिंग में लापरवाही मिलने पर डीपीएम का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को समय से भुगतान सुनिश्चित कराने और योजना में शत-प्रतिशत प्रगति हासिल करने को कहा गया।
जन्मजात बीमारी से पीड़ित बच्चों का जल्द होगा इलाज
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा में जन्मजात दोष से ग्रसित चिह्नित बच्चों के उपचार की स्थिति भी जानी गई। डीएम ने निर्देश दिया कि चिह्नित सभी बच्चों का शीघ्र उपचार कराया जाए और इलाज की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. हरिओम सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
लेखक के बारे में
पिछले छह वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय रोहित तिवारी कौशांबी में आधारित हैं और क्षेत्रीय मुद्दों की कवरेज में लगातार कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
