नहीं रहे राकेश सिंह, हिन्दुस्तान के पूर्व ब्यूरो चीफ के निधन से शोक
बेबाक लेखनी और प्रभावशाली पत्रकारिता से बनाई अलग पहचान
मोहम्मद अय्यूब, उतरौला संवाददता
उतरौला (बलरामपुर)। वरिष्ठ पत्रकार राकेश सिंह के निधन की खबर से जिले के पत्रकारों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन की सूचना मिलते ही पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने गहरा दुख व्यक्त किया। और मीडिया कार्यालय पर दो मिनट का मौन रखकर मृत आत्मा के शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संवेदना व्यक्त किया गया।
राकेश सिंह लंबे समय तक पत्रकारिता से जुड़े रहे। अपनी बेबाक लेखनी और प्रभावशाली पत्रकारिता के लिए उन्होंने अलग पहचान बनाई थी। उनका चर्चित लेख ‘नारद नामा’ पाठकों के बीच बेहद लोकप्रिय था। इस लेख के माध्यम से वह समसामयिक मुद्दों और स्थानीय घटनाक्रमों पर अपनी विशिष्ट शैली में विचार रखते थे, जिसे पाठकों का खूब स्नेह मिलता था।
देवता तिवारी ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि राकेश सिंह का निधन पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी लेखनी और पत्रकारिता की शैली लंबे समय तक याद की जाएगी।
पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की। इस मौके पर देवता तिवारी,वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र श्रीवास्तव उर्फ (मुन्ना),राजन श्रीवास्तव,नूर मोहम्मद, आलोक कुमार गुप्ता, गिरीश चंद्र मिश्र, आशीष कशौधन, सुशील श्रीवास्तव,वैभव चतुर्वेदी,हरीश कुमार गुप्ता, सुहेल अहमद खान, मोहम्मद अय्यूब, बजरंगी गुप्ता, नरेंद्र पटवा,वाजिद हुसैन, अंसार अली,बहलोल नियाजी, समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
