जन सेवा केन्द्र से स्वरोजगार तक, पूजा की प्रेरणादायक उड़ान
3.22 लाख के ऋण से शुरू किया कारोबार, आज बनीं आत्मनिर्भर
बस्ती - जनपद बस्ती के जमदीह पांडेय क्षेत्र की निवासी पूजा ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का लाभ प्राप्त कर स्वरोजगार के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। सीमित संसाधनों और परिस्थितियों के बावजूद पूजा ने अपने सपनों को साकार करने का दृढ़ संकल्प लिया। मेहनत, लगन, आत्मविश्वास और ईमानदारी के बल पर उन्होंने न केवल स्वयं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को डिजिटल एवं विभिन्न सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने का भी महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।
पूजा की सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि युवाओं को उचित मार्गदर्शन और सरकार की योजनाओं का सहयोग मिले तो वे अपने छोटे से प्रयास को भी सफलता के बड़े अवसर में बदल सकते हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत आर्थिक सहयोग प्राप्त कर पूजा ने अपने क्षेत्र में “पूजा जन सेवा केन्द्र” की स्थापना की और स्वरोजगार की दिशा में अपना पहला कदम बढ़ाया।
जन सेवा केन्द्र के माध्यम से पूजा ने कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से संबंधित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध करानी शुरू कीं। इसके साथ ही उन्होंने मोबाइल रिपेयरिंग के कार्य को भी अपने व्यवसाय का हिस्सा बनाया। ग्रामीण क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं और तकनीकी सुविधाओं की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए उन्होंने इस क्षेत्र में कार्य करने का निर्णय लिया। उनका यह निर्णय आज उनके लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन गया है।
अपने व्यवसाय को व्यवस्थित रूप से स्थापित करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए पूजा को भारतीय स्टेट बैंक, बस्ती से 3,22,222 रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की और अपने जन सेवा केन्द्र एवं मोबाइल रिपेयरिंग के कार्य को बेहतर ढंग से संचालित करना शुरू किया। सरकारी योजना के माध्यम से मिली वित्तीय सहायता ने उनके सपनों को नई उड़ान दी।
आज पूजा का जन सेवा केन्द्र आसपास के ग्रामीण नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रहा है। केन्द्र के माध्यम से लोगों को विभिन्न डिजिटल सेवाओं के साथ-साथ सरकारी योजनाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। इससे ग्रामीण नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता भी कम हुई है।
मोबाइल रिपेयरिंग के क्षेत्र में कार्य करते हुए पूजा ने विशेष रूप से युवाओं के सामने स्वरोजगार का एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनका मानना है कि आज के समय में तकनीकी ज्ञान और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। युवा यदि अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार कौशल विकसित करें तथा सरकारी योजनाओं का सही ढंग से लाभ उठाएं, तो वे स्वयं का रोजगार स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
पूजा की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्र की अन्य महिलाओं और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने यह साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता प्राप्त की जा सकती है।
पूजा की यह सफलता कहानी दर्शाती है कि सरकार की जनकल्याणकारी एवं स्वरोजगार योजनाएं युवाओं के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सही अवसर, आर्थिक सहयोग और मेहनत के समन्वय से आज युवा अपने भविष्य को संवारने के साथ-साथ समाज और क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
