आगरा में सरेराह युवती पर चाकू से हमला, तमाशबीन बने रहे लोग
आगरा में युवती पर सरेराह चाकू से हमला, आरोपी पर 10 दिन से पीछा करने का आरोप
आगरा। शास्त्रीपुरम का व्यस्त चौराहा, सुबह करीब साढ़े दस बजे। सड़क पर आवाजाही जारी थी, बाजार की दुकानें खुली थीं और लोग अपने काम पर जाने की जल्दबाजी में थे। इसी बीच एक युवती को कथित तौर पर बाइक से रास्ता रोककर एक युवक ने सरेराह पीटना शुरू कर दिया। लात-घूंसों के बाद आरोपी ने चाकू निकाल लिया और युवती पर हमला कर दिया। युवती मदद के लिए चीखती रही, लेकिन आसपास मौजूद कई लोग सिर्फ तमाशा देखते रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर युवती को रोका था। साथी बाइक स्टार्ट कर पास में खड़ा रहा, जबकि मुख्य आरोपी ने युवती से गाली-गलौज और मारपीट की। इसके बाद उस पर चाकू से वार किए। हमले में घायल युवती सड़क पर गिर गई। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
मदद के लिए चीखती रही युवती, लोग देखते रहे
घटना के दौरान चौराहे पर काफी भीड़ मौजूद थी। आसपास दुकानें खुली थीं और राहगीरों की आवाजाही भी हो रही थी। युवती को उम्मीद थी कि कोई आगे आएगा और हमलावर को रोक देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
पीड़िता ने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसके साथ इस तरह की घटना हो जाएगी। उसका कहना है कि जब वह घायल होकर जमीन पर गिरने लगी और बेहोशी की हालत में पहुंच रही थी, तब भी कुछ लोग वहां खड़े होकर देखते रहे।
पीड़िता ने भावुक होते हुए कहा कि उसकी जगह किसी और की बेटी भी हो सकती थी। उसके इस सवाल ने घटना के दौरान मौजूद लोगों की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों का आरोप- मौके पर नहीं थी पुलिस
पीड़ित परिवार का कहना है कि भीड़ के बीच हमलावर को मौके पर ही पकड़ा जा सकता था। परिजनों के मुताबिक, घटना के समय वहां पुलिस मौजूद नहीं थी। राहगीरों ने 112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
परिवार ने बाजारों और प्रमुख स्थानों पर पुलिस गश्त तथा मनचलों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिले में एंटी रोमियो टीम की मौजूदगी के बावजूद इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय हैं।
बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मनचलों और महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थान पर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दस दिन से युवती का पीछा कर रहा था आरोपी
घायल युवती के मुताबिक, आरोपी ओमकार नाम का युवक है और वह पेशे से पेंटर है। पीड़िता का दावा है कि आरोपी करीब दस दिन से उसका पीछा कर रहा था। लगभग दस दिन पहले भी वह उसके पास आया था और बातचीत करने के लिए दबाव बनाया था।
युवती के अनुसार, बात करने से इनकार करने पर आरोपी ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। उसने इस बारे में अपने परिवार को इसलिए नहीं बताया क्योंकि उसे डर था कि परिजन उसकी पढ़ाई और नौकरी छुड़वा सकते हैं।
पीड़िता ने बताया कि उसकी नौकरी करीब एक महीने पहले ही लगी थी। वह नहीं चाहती थी कि डर के कारण उसे कॉलेज या कंपनी जाना बंद करना पड़े। उसे अंदाजा नहीं था कि आरोपी इस हद तक हमला कर देगा।
हत्या के प्रयास में मुकदमा दर्ज
मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। परिजनों की ओर से दी गई तहरीर में एक आरोपी का नाम दर्ज कराया गया है। हालांकि, पीड़िता ने मीडिया से बातचीत में मुख्य आरोपी के साथ एक अन्य युवक के मौजूद होने की बात भी कही है।
पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना के दौरान मौके पर कौन-कौन लोग मौजूद थे और आरोपी के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी वारदात में शामिल था या नहीं।
आगरा में पहले भी सामने आ चुकी हैं गंभीर घटनाएं
आगरा में युवतियों और महिलाओं से जुड़ी गंभीर आपराधिक घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं।
23 जनवरी 2026: संजय प्लेस स्थित एक निजी कंपनी की एचआर मैनेजर मिंकी शर्मा की उसके सहकर्मी और प्रेमी विनय राजपूत ने कथित तौर पर कार्यालय में चाकू से गला काटकर हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद शव को बोरे में भरकर जवाहर पुल पर फेंक दिया गया था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था।
एकता क्षेत्र की घटना: प्रेम-प्रसंग से नाराज पिता पर दूसरी जाति के युवक के साथ संबंधों के चलते अपनी बेटी पर बांके से हमला करने और गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगा था। घटना के बाद आरोपी पिता ने थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया था।इन घटनाओं के बीच शास्त्रीपुरम में दिनदहाड़े युवती पर चाकू से हमला और लोगों का मूकदर्शक बने रहना शहर की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
