बदायूं में जलभराव पर नगर पालिका का बड़ा प्रहार: 50 दुकानदारों को नोटिस, नालियों में कूड़ा फेंकने वालों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई
बदायूं। शहर में लगातार हो रही बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को लेकर अब नगर पालिका परिषद पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। शहर की प्रमुख सड़कों और बाजारों में नालियों के जाम होने तथा जल निकासी बाधित होने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पालिका प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिए हैं।
स्पष्ट कर दिया गया है कि अब यदि किसी भी व्यापारी द्वारा अपने प्रतिष्ठान का ठोस कचरा सड़क, नाले या नालियों में फेंका गया तो उसके खिलाफ नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा-274 के तहत जुर्माना लगाने के साथ कठोर कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। नगर पालिका की यह कार्रवाई विशेष रूप से छह सड़क से शिव मंदिर तथा शिव मंदिर से लावेला चौक तक के उस क्षेत्र में की गई है, जहां नालों के जाम होने के कारण बारिश के दौरान जल निकासी पूरी तरह प्रभावित हो रही थी। निरीक्षण के दौरान पालिका अधिकारियों ने पाया कि अनेक दुकानदार पॉलीथिन, प्लास्टिक, थर्माकोल, गत्ता और अन्य ठोस अपशिष्ट सीधे नालियों में डाल रहे हैं, जिससे जल प्रवाह रुक रहा है और हल्की बारिश में भी सड़कें पानी से भर जा रही हैं। इसी के मद्देनज़र पालिका ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्ती का निर्णय लिया है।
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने कहा कि शहर को जलभराव और गंदगी से मुक्त रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और नालियों में कूड़ा फेंकने की प्रवृत्ति न केवल स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित करती है, बल्कि जल निकासी अवरुद्ध होने से आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए ऐसे मामलों में अब किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पालिका द्वारा जारी नोटिस में सभी व्यापारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने प्रतिष्ठानों से निकलने वाले ठोस अपशिष्ट का निस्तारण केवल डस्टबिन, नगर पालिका की कूड़ा गाड़ी अथवा निर्धारित व्यवस्था के माध्यम से ही करें। किसी भी परिस्थिति में कूड़ा सड़क, नाले या नालियों में न डाला जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि नोटिस मिलने के बाद भी यदि नियमों का उल्लंघन किया गया तो बिना किसी अतिरिक्त सूचना के जुर्माना लगाया जाएगा और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब केवल समझाइश और चेतावनी का समय समाप्त हो चुका है। नगर पालिका शहर को स्वच्छ, सुरक्षित और जलभराव मुक्त बनाने के लिए व्यापक अभियान चला रही है और इसमें बाधा डालने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने शहर के सभी व्यापारियों से अपील की कि वे नगर पालिका का सहयोग करें और स्वच्छ एवं व्यवस्थित शहर के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं। पालिका प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का पालन करने वालों को पूरा सहयोग मिलेगा, लेकिन शहर की सफाई व्यवस्था और जल निकासी में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ अब बिना किसी नरमी के सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले शारिक नसीर वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के बदायूं ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
