गिरफ्तारी से रिहाई तक अखिलेश के साथ रहे सांसद आनन्द भदौरिया
कहा, सरकार की तानाशाही लोकतांत्रिक मूल्यों का खुल्लमखुल्ला हनन
सीतापुर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर गत दिवस घटी घटना के विरोध स्वरूप तेज हुई सियासी सरगर्मियों के बीच सपा मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ गिरफ्तारी देने वाले नेताओं में जिले के दिग्गज सपा नेता व धौरहरा सांसद आनन्द भदौरिया भी शामिल रहे।
श्री भदौरिया को सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ गिरफ्तार कर बस से ले जाया गया। देर रात इन सभी नेताओं को दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम से रिहा कर दिया गया। गिरफ्तारी से ले कर रिहा होने तक सांसद आनन्द भदौरिया सपा मुखिया के ठीक पास ही नजर आये। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बेहद करीबी कहे जाने वाले सपा सांसद आनंद भदौरिया ने इस घटना को ले कर केंद्र सरकार पर जम कर निशाना साधा। उन्होंने इस पूरी घटना को लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन और सरकार की प्रशासनिक विफलता करार दिया। श्री भदौरिया ने कहा कि सरकार अपनी नीतियों के खिलाफ उठने वाली हर जायज आवाज को पुलिसिया बल के जरिए दबाने की कोशिश कर रही है जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि देश बाबा साहेब भीमराव आम्बेडकर के संविधान से चलता है। किसी की तानाशाही से नहीं।
सपा सांसद ने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर खामोश नहीं बैठेगा और संसद से ले कर सड़क तक जनता के अधिकारों के लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
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लेखक के बारे में
30 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले राम कृष्ण पांंडेय वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में सीतापुर व्यूरो प्रमुख रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘निष्पक्ष प्रतिदिन’ से की और इसके बाद लम्बे समय तक राष्ट्रीय सहारा में ब्यूरो चीफ रहते हुए अमर उजाला व हिंदुस्तान इत्यादि प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में कार्य किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, सम्पादन का व्यापक अनुभव है।
