वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में फायर स्टेशन बनाने की दिशा पर बड़ा कदम
वाराणसी । काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने अपने विशाल कैंपस में एक समर्पित फायर स्टेशन बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की पहल पर वाराणसी के चीफ फायर ऑफिसर (सीएफओ) और भेलूपुर के फायर ऑफिसर ने विश्वविद्यालय का दौरा किया और कुछ सम्भावित स्थलों का निरीक्षण किया। यह जानकारी बुधवार की शाम बीएचयू के जनसम्पर्क अधिकारी ने दी।
उन्होंने बताया कि हालांकि यह प्रोजेक्ट अभी सिर्फ़ प्रस्ताव के चरण में है और अभी तक कोई स्थान का चयन, औपचारिक निर्माण या प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, लेकिन इस प्रस्ताव पर सहमति विश्वविद्यालय प्रशासन और शहर के नागरिक सुरक्षा अधिकारियों के बीच इरादों के सार्थक मेल को और इस इलाके में आपातकालीन प्रतिक्रिया को मज़बूत करने की एक साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन कैंपस के अंदर एक स्थानीय फायर रिस्पॉन्स सेंटर बनाने के लिए एक प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। आग लगने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह बहुत ज़रूरी है कि हम इसे प्राथमिकता दें। हमारी एस्टेट टीम कैंपस के अंदर संभावित ज़मीन की पहचान कर रही है। जब यह प्रस्ताव औपचारिक रूप से एक प्रोजेक्ट का रूप ले लेगा, तो यह स्टेशन इमरजेंसी रिस्पॉन्स के समय को काफी कम कर देगा — जो न सिर्फ हमारे कैंपस, छात्रों और फैकल्टी के लिए, बल्कि दक्षिण वाराणसी के निवासियों के लिए भी सुरक्षा की दृष्टि से एक अहम सुविधा होगी। बताया गया कि इस आधिकारिक प्रोजेक्ट को मंज़ूरी मिलने और शुरू होने से पहले ज़रूरी अगले औपचारिक कदमों, कानूनी मंज़ूरियों और विभागों के बीच तालमेल की रूपरेखा तैयार करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और वाराणसी फायर डिपार्टमेंट मिलकर काम करेंगे।
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लेखक के बारे में
सुधा जायसवाल ने मास कम्युनिकेशन एवं पत्रकारिता (MJMC) में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है और पत्रकारिता क्षेत्र में 12 वर्षों से सक्रिय हैं। वह अमर उजाला, स्वतंत्र भारत, जनसंदेश टाइम्स और तरुण मित्र जैसे संस्थानों में कार्य कर चुकी हैं। राजनीतिक, शिक्षा और नगर निगम सहित विभिन्न बीट्स पर रिपोर्टिंग का अनुभव रखने वाली सुधा वर्तमान में तरुण मित्र के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ी हुई हैं।
