लखनऊ की ठाकुरगंज पुलिस ने निर्दोष को बना दिया अपराधी !
घटना में शामिल गाड़ी नहीं पकड़ सकी पुलिस,दूसरी कर दी बंद
पिकप की चपेट में आने से युवक की हुई थी मौत
लखनऊ। राजधानी की कमिश्नरेट पुलिस के ठाकुरगंज थाने के पुलिसकर्मियों का कारनामा सामने आया है। आरोप है कि ठाकुरगंज पुलिस ने एक निर्दोष को अपराधी बना दिया। इसके साथ ही गाड़ी को भी गलत तरीके से मुकदमे में संलिप्त बनाते हुए दाखिल कर दिया,जबकि घटना दूसरे वाहन से हुई थी। इस मामले से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक़ ठाकुरगंज इलाके में बीते 29 अप्रैल को मारुती सुजुकी के शोरूम के सामने एक तेज रफ्तार बाइक सवार ओवर टेक करने के चक्कर में एक पिकप से टकरा गया। बाइक पर दो युवक सवार थे। बाइक टकराने से अनियंत्रित हो गई। इस दौरान पीछे बैठा युवक नीचे गिर गया। पिकप का पिछले पहिया युवक पर चढ़ गया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
ये खबर भी पढ़े : 2027 में बस्ती में होगी बागेश्वर धाम सरकार की दिव्य कथा, पैदल संकल्प यात्रा हुई सफल - गोविंद दासइस मामले में पुलिस ने सआदतगंज के रहने वाले मनोज कुमार की तहरीर पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मृतक की पहचान सआदतगंज के रहने वाले अभिनव चौधरी के रूप में हुई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इस मामले में पुलिस ने बालागंज के रहने वाले सत्यदेव सिंह की पिकप यूपी 32 केएन 7818 को कब्जे में लिया है।
मामले की जांच कर रहे विवेचक दरोगा मारूफ आलम का कहना है कि चश्मदीद और गवाह के ब्यान पर यह कार्रवाई की गई है। इसके अतरिक्त अन्य पर्याप्त सबूत भी उनके पास मौजूद हैं। वहीं इस मामले से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आये है,जिसने पुलिस की जांच और कार्रवाई पर सवाल खड़ा कर दिए हैं। सीसीटीवी में एक काले बॉडी वाली पिकप रात लगभग 11:42:39 आते हुए नजर आ रही है। इस दौरान बिना हेलमेट लगाए तेज रफ्तार बाइक सवार तेजी से आ रहा है,और मौके से गुज़र रहे ऑटो के सामने से ओवर करने के चक्कर में पिकप से जाकर टकरा जाता है। इस दौरान बाइक पर पीछे बैठा हुआ सफ़ेद शर्ट पहने हुए बैठा युवक गिर जाता है और पिकप के पिछले पहिये के नीचे आ जाता है।
ये खबर भी पढ़े : निकाय कर्मचारियों की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की मांग, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपीलघटना लगभग 11:42:43 पर होती है। जिसके बाद वह गाड़ी चली जाती है। इस घटना के पूरे एक मिनट बाद लगभग 11:43:33 पर मेरी पिकप संख्या यूपी 32 केएन 7818 जिसकी बॉडी भगवा रंग की है एवं बॉडी पर चारों तरफ रिफ्लेक्टर लगे हुए हैं,नजर आती है। आरोप है कि जब पुलिस गाड़ी नहीं पकड़ सकी तो जानबूझकर दूसरे चालक को इस मामले में आरोपी बना दिया।
पूरे मामले में जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - कमलेश दीक्षित,डीसीपी पश्चिम
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लेखक के बारे में
पिछले छह वर्षों से क्राइम रिपोर्टिंग में सक्रिय सत्य प्रकाश भारती अपराध से जुड़े मामलों पर गहरी पकड़ रखते हैं। तथ्यपरक रिपोर्टिंग और संतुलित प्रस्तुति उनकी कार्यशैली की पहचान है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
