बसपा में 2007 जैसा ही ब्राह्मण काे मिलेगा सम्मान : मायावती
2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बसपा सुप्रीमो ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ब्राह्मणों को साधने की कोशिश की
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव—2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी(बसपा) ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करने के लिए बसपा भी कोई कोर कसर छोड़ने के मूड में नहीं है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के जरिए ब्राह्मण समाज से कहा है कि आपका सम्मान पार्टी में पहले भी था और आगे भी रहेगा।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को एक पोस्ट में कहा कि ब्राह्मण समाज व अन्य सभी समाज के जो भी लोग अभी तक पार्टी से निकाले गये हैं या निकाले जा रहे हैं। या फिर वे अपने निजी स्वार्थ में दूसरी पार्टियों में चले गये हैं। वे अपने ग़लत कारनामों की वजह से उनसे बचने के लिये ख़ासकर सत्ताधारी पार्टी में शामिल हो गये हैं, तो उनका पार्टी के प्रति समर्पण भाव लोगों की निगाह में भी उनके कार्यों के आकलन के आधार पर काफी सशंकित व निराशाजनक बना रहा है। क्योंकि ख़ासकर बसपा सरकार के दौरान भी ऐसे लोगों ने अपने निजी व पारिवारिक स्वार्थ के लिए ही पार्टी से फायदा ज़्यादा उठाया है और अपने समाज व पार्टी के हित के लिए वे लोग अधिकतर निष्क्रिय व उदासीन ही बने रहे हैं।
उन्होंने आगे लिखा है कि इतना ही नहीं बल्कि इन्हीं सब कारणों से उन लोगों ने अपने समाज को भी सही से बसपा में नहीं जोड़ा है। इन्हीं सब वजह से पार्टी को पिछले कई लोकसभा व विधानसभा आमचुनावों में पार्टी को काफी नुकसान भी उठाना पड़ा है, जो किसी से भी छिपा हुआ नहीं है। लेकिन उसके बाद से पार्टी में लम्बे अरसे से ईमानदार व हर मामले में पार्टी के प्रति लगातार समर्पित एवं निष्ठावान चले आ रहे पार्टी के वरिष्ठ लोगों द्वारा आए दिन नये कर्मठ व ईमानदार लोगों व ख़ासकर युवाओं को पार्टी की नर्सरी में तैयार किया जाता रहा है, जो यह अभियान पूरी तरह से जारी है। अब वे लोग काफी हद तक पार्टी की अपेक्षा के अनुसार जी-जान से लगातार लगे हुये हैं। पार्टी को पूरी उम्मीद है कि ये सभी नये व पुराने लोग हर मामले में ज़्यादा बेहतर, साफ-सुथरे व मिशनरी मानसिकता के बनकर उभरेंगे। वे सच्चे अम्बेडकरवादी एवं संविधानवादी संघर्ष के भरपूर तौर पर काम आयेंगे।
मायावती ने कहा कि ब्राह्मण समाज को यह भी विश्वास दिलाना चाहती हूं कि वे अपनी पूरी मज़बूती के साथ पार्टी से जुड़े रहें। उन्हें हर चुनाव में उनकी तैयारी के आधार पर उनकी भागीदारी यानी चुनावी उम्मीदवार बनाने तथा सरकार बनने पर 2007 की तरह ही ब्राह्मण तथा अन्य सभी समाज को भी पूरा-पूरा उचित मान-सम्मान ज़रूर दिया जाएगा। इसके अलावा सर्वसमाज आधारित ऐसी बसपा पार्टी को ज़मीनी स्तर पर तैयार करने के मामले में अब विशेषकर दलित समाज को ही अपनी अह्म भूमिका निभानी है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
