निघासन-खीरी,18 अगस्त(तरुणमित्र)। निघासन क्षेत्र स्थित ग्राम बरोठा से छठी विशाल कांवड़ यात्रा लेकर छोटी काशी गोला गोकरननाथ धाम पहुंचे शिवभक्तों ने मंगलवार को वापस लौटकर प्राचीन बीरबाबा मंदिर परिसर में भव्य भंडारे का आयोजन किया। भंडारे में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना रहा।
कांवड़ भक्तों ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस पवित्र महीने में भगवान भोलेनाथ की आराधना करने के साथ जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं की सेवा करना भी पुण्य का कार्य माना जाता है। इसी भावना के साथ कांवड़ यात्रा के बाद भंडारे का आयोजन किया गया।
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को बरोठा गांव से छठी विशाल कांवड़ यात्रा बीरबाबा मंदिर से रवाना हुई थी। सैकड़ों शिवभक्त कांवड़ लेकर लिलौटीनाथ धाम एवं देवकली मंदिर होते हुए गोला गोकरननाथ धाम पहुंचे थे। वहां श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की थी।
मंगलवार को यात्रा से वापस लौटे कांवड़ भक्तों ने बीरबाबा मंदिर पर भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। भंडारे में हजारों की संख्या में ग्रामवासियों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से मंदिर परिसर गूंजता रहा।
कांवड़ यात्रा के आयोजक अनिल प्रकाश त्रिवेदी सहित अन्य शिवभक्तों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य आपसी भाईचारे, सेवा और सद्भावना को बढ़ावा देना है। सावन के महीने में जितने अधिक पुण्य और सेवा के कार्य किए जाएं, उतना ही अच्छा है। भंडारे में श्रद्धालुओं की सेवा करने को भी उन्होंने भगवान शिव की सेवा बताया।
भंडारे के दौरान अमर प्रकाश शुक्ला , संजोग पाण्डेय, सुधीर शुक्ला, गुड्डू राजपूत, संदीप वर्मा, राजीवन राजपूत, उमाशंकर लोधी, मनोज शुक्ला, राजू पांडेय, रामसनेही, सहित बड़ी संख्या में कांवड़ भक्त एवं ग्रामीण मौजूद रहे। आयोजन के दौरान पूरे परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा।