विवादित परीक्षाओं का रद्द होना आंदोलन की जीत: देवेंद्र नाथ महतो
देवेंद्र नाथ बोले - अब नई, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त परीक्षा व्यवस्था लागू कराने की होगी लड़ाई
रांची। झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल और टीडीपीएल एजेंसी की ओर से आयोजित विवादित परीक्षाओं को रद्द किए जाने के बाद छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने इसे आंदोलन की ऐतिहासिक जीत बताया है। उन्होंने कहा कि अब नई, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त परीक्षा व्यवस्था लागू कराने की लड़ाई शुरू होगी।
देवेंद्र नाथ महतो मंगलवार को सदर अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित सत्याग्रह स्थल पर आयोजित प्रेस वार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसी परीक्षा व्यवस्था जरूरी है, जिसमें पेपर लीक, धांधली और पैरवी के जरिए नौकरी हासिल करने की कोई गुंजाइश न हो। योग्य अभ्यर्थियों को मेधा और निष्पक्ष प्रक्रिया के आधार पर नौकरी मिलने की गारंटी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भर्ती व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त होने तक संघर्ष जारी रहेगा। आंदोलन के दौरान जिन परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए थे, उनमें जेएसएससी-सीजीएल समेत टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाएं शामिल हैं। इन परीक्षाओं को रद्द करना छात्र हित में सरकार का महत्वपूर्ण कदम है।
देवेंद्र नाथ ने बताया कि भूख हड़ताल के 17वें दिन सदर अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और डुमरी विधायक जयराम महतो की मौजूदगी में उनका अनशन समाप्त कराया गया था। उन्होंने आंदोलन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, मीडिया कर्मियों और अन्य सहयोगियों के प्रति आभार जताया। प्रेस वार्ता के दौरान कई छात्र और अन्य लोग मौजूद थे।
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
