निजी डेटा सेंटर का लाइसेंस का आवेदन निरस्त किया जाये : संघर्ष समिति
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने नोएडा के डेटा सेंटर पार्क के लिए अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस स्टेप-इलेवन लिमिटेड को पैरेलल डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस दिए जाने की प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है। संघर्ष समिति ने कहा कि यह मामला किसी एक कंपनी को बिजली आपूर्ति की सुविधा देने तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध सार्वजनिक वितरण व्यवस्था, क्रॉस-सब्सिडी व्यवस्था, सार्वजनिक डिस्कॉम की वित्तीय स्थिरता तथा करोड़ों घरेलू, किसान और छोटे उपभोक्ताओं के हितों से है।
संघर्ष समिति ने कहा कि आठ मई 2026 को न्यायालय ने रेलवे बनाम पश्चिम बंगाल डिस्कॉम मामले में रेलवे की स्थिति स्पष्ट करते हुए उसे अपने उपयोग के लिए बिजली का उपभोग करने वाला उपभोक्ता माना है, न कि केवल अपने आंतरिक विद्युत नेटवर्क के आधार पर डीम्ड लाइसेंसी। न्यायालय के फैसले का मूल संदेश स्पष्ट है कि केवल अपने उपयोग के लिए विद्युत नेटवर्क संचालित करना अपने आप में वितरण लाइसेंसधारी होने का आधार नहीं हो सकता। वितरण लाइसेंस का मूल उद्देश्य उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति करना है। ऐसी स्थिति में संघर्ष समिति ने सवाल उठाया है कि यदि रेलवे जैसी विशाल सरकारी संस्था अपने स्वयं के उपयोग के लिए बिजली लेने के बावजूद उपभोक्ता की श्रेणी में आती है और उस पर लागू वैधानिक सरचार्ज की देनदारी रहती है, तो निजी डेटा सेंटर को अलग पैरेलल डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस देकर वही दायित्व समाप्त करने का रास्ता क्यों बनाया जा रहा है? संघर्ष समिति ने कहा कि “ रेलवे — उपभोक्ता, इसलिए वैधानिक सरचार्ज देय। निजी डेटा सेंटर — अलग वितरण लाइसेंस, जिससे सरचार्ज से बचने की संभावना।
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