वर्षा ऋतु में विद्यालयों एवं बच्चों की सुरक्षा पर डीएम ने दिए कड़े निर्देश
सभी शिक्षक एवं बीईओ अलर्ट मोड में रहें, जर्जर भवनों में किसी भी दशा में न हो पठन-पाठन
मनोज शर्मा, बाराबंकी संवाददाता
- मिड-डे मील की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी, अधिकारी करेंगे साप्ताहिक निरीक्षण एवं बच्चों के साथ भोजन
बाराबंकी। वर्षा ऋतु के दृष्टिगत परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता एवं मूलभूत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक एवं जनपद के सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठक आयोजित की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि वर्तमान मौसम को देखते हुए सभी शिक्षक एवं बीईओ अलर्ट मोड में रहते हुए किसी भी परिस्थिति में त्वरित एवं प्रभावी रिस्पांस सुनिश्चित करें।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी शिक्षक विद्यालय समय से 10 मिनट पूर्व पहुंचें और विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय सहित अन्य व्यवस्थाओं की स्वयं मॉनिटरिंग करें। उन्होंने आगामी एक माह तक विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता हो। बच्चों को अनावश्यक रूप से कक्षा-कक्ष से बाहर न जाने दिया जाए तथा शौचालय जाने के दौरान भी किसी बड़े व्यक्ति के द्वारा निगरानी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल, शौचालयों एवं पूरे परिसर की साफ-सफाई बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के श्रमदान पर रोक नहीं है, लेकिन बच्चों के साथ शिक्षक भी स्वयं श्रमदान करें।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में जर्जर अथवा असुरक्षित भवन हैं, वहां किसी भी दशा में पठन-पाठन न कराया जाए तथा ऐसे भवनों को पूरी तरह बंद रखा जाए। बच्चों की कक्षाएं केवल सुरक्षित स्थान पर ही संचालित की जाएं।उन्होंने सभी बीईओ को निर्देशित किया कि अपने-अपने विकासखंडों में दूरस्थ विद्यालयों से औचक निरीक्षण प्रारंभ करें और अगले एक माह तक निरंतर भ्रमणशील रहकर विद्यालयों की व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करें। निरीक्षण के दौरान शिक्षक उपस्थिति, बच्चों की सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, भवन की स्थिति एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को प्राथमिकता से देखा जाए।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विद्यालय आने वाले बच्चे प्रॉपर ड्रेस एवं जूते पहनकर आएं। इसके लिए अभिभावकों को प्रेरित किया जाए। साथ ही सभी बच्चों को उनकी कक्षा से संबंधित आवश्यक पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध रहना सुनिश्चित किया जाए।
मिड-डे मील की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी के डीएम ने दिए निर्देश
बाराबंकी। मिड-डे मील की गुणवत्ता एवं स्वच्छता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि संबंधित एसडीएम, बीडीओ, बीईओ एवं ब्लॉक टास्क फोर्स के अन्य अधिकारी सप्ताह में एक दिन विद्यालय का निरीक्षण करें तथा बच्चों के साथ भोजन कर मिड-डे मील की गुणवत्ता परखें। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि कमियों का तत्काल संज्ञान लेकर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
