लोहिया संस्थान में मनाया जायेगा अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस
— 37 नर्सिंग संवर्ग ने किया रक्तदान
लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस मनाने की शुरुआत 1965 में इंटरनेशनल काउंसिल आफ नर्सेज ने की थी जिसके बाद जनवरी 1974 में प्रत्येक वर्ष 12 मई को फ्लोरेंस नाइटेंगल जिन्हे आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक के रूप में जाना जाता है के सम्मान में उनके जन्मदिन पर अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के तौर पर मनाए जाने का फैसला लिया गया था। ये बातें संस्थान के प्रो विक्रम सिंह,मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने कही।
लोहिया संस्थान में अंतरराष्ट्रीय नर्सेज सप्ताह मनाया जाना सुनिश्चित हुआ है तथा सप्ताह के प्रथम दिवस पर बुधवार को संस्थान में स्वैच्छिक रक्तदान किया गया जिसमें 37 नर्सिंग संवर्ग द्वारा रक्तदान किया गया। प्रोग्राम में संस्थान के प्रो0 विक्रम सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, प्रो0 सुब्रत चंद्रा, विभागाध्यक्ष, ब्लड बैंक एवं सुमन सिंह,मुख्य नर्सिंग अधिकारी,नर्सिंग अधीक्षिका अल्पना चार्ल्स एवं अनीता लाज़र,एवं अन्य नर्सिंग अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर विक्रम सिंह ने कहा कि रक्तदान महादान के आयोजित प्रोग्राम वह उपस्थित नर्सिंग संवर्ग को स्वैच्छिक रक्तदान करने के लिए उनकी सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान एक महान मानवीय सेवा है जिसे प्रत्येक नागरिक को समय-समय पर रक्तदान कर समाज में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्त की उपलब्धता से गंभीर रूप से बीमार मरीजों तथा दुर्घटना ग्रस्त पीड़ितों का जीवन बचाया जा सकता है।
संस्थान की मुख्य नर्सिंग अधिकारी,सुमन सिंह ने उक्त कार्यक्रम में उपस्थित नर्सिंग संवर्ग से कहा कि रक्तदान एक मानवता से भरा कार्य है जिसमें कोई भी स्वस्थ नागरिक अपने रक्त का एक हिस्सा दूसरों की जान बचाने के लिए दान करता है। यह एक निस्वार्थ सेवा है जो जीवन दान के रूप में काम करती है। रक्तदान से न केवल रोगियों को मदद मिलती है बल्कि यह रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
