Maharashtra: शिवसेना की 60वीं वर्षगांठ पर गरजे एकनाथ शिंदे
बोले- नाम के आगे-पीछे 'ठाकरे' लगा लेने से कोई वारिस नहीं हो जाता..!
By Rajesh Jaiswal
मुंबई। शिवसेना की 60वीं वर्षगांठ पर गोरेगांव के एनईएससीओ सेंटर में शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसैनिक ही बालासाहेब ठाकरे के विचारों के सच्चे वारिस हैं, जो हिंदुत्व और मराठी अस्मिता के ध्वजवाहक हैं। उन्होंने कुर्सी के लिए सिद्धांतों से समझौता करने वालों की आलोचना करते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर जमकर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि सिर्फ किसी से रिश्तेदारी बता देने से कोई वारिस नहीं बन जाता। केवल नाम के आगे-पीछे किसी का नाम (ठाकरे) लगा लेने से कोई वारिस नहीं हो जाता। ‘शिवसेना’ जमीन का कोई टुकड़ा नहीं है। शिवसेना विचारों का और आप-हमारे संघर्षों का एक आंदोलन है। शिवसेना केवल एक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि यह भगवा तूफान है। जो भगवे को भूल गया, वह राजनीति से समाप्त हो गया, हमने यह होते हुए देखा है।
सिर्फ सत्ता और कुर्सी के लिए आपने बालासाहेब के विचार छोड़ दिए। कुर्सी के लिए आपने हिंदुत्व छोड़ दिया। बालासाहेब ठाकरे को उनके जीवनकाल में भी परेशान किया गया, उन्हें कष्ट दिए गए। लेकिन उनके जाने के बाद भी जिन लोगों ने सत्ता के लिए उनके विचारों और हिंदुत्व को छोड़ दिया, जनता ने उन्हें कभी स्वीकार नहीं किया।शिवसेना बालासाहेब ठाकरे के विचारों, हिंदुत्व और मराठी अस्मिता की ध्वजवाहक है, और शिवसैनिक ही उसकी असली ताकत हैं।
ये खबर भी पढ़े : Maharashtra: CM फडणवीस ने नवी मुंबई एयरपोर्ट पर दिव्यांग ‘मिट्टी कैफे’ का लिया जायजाकुछ लोग मेरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच..
एकनाथ शिंदे ने आगे कहा कि हमारी महायुति मजबूत है, बहुत मजबूत है और इसमें शामिल दलों के बीच का तालमेल और आपसी बंधन लगातार मजबूत होता जा रहा है। कुछ लोग मेरे और देवेंद्र फडणवीस के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनका कोई प्रयास सफल नहीं होने वाला है, क्योंकि हम एक टीम के रूप में काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग चुपके-चुपके जाकर उन्हें कुछ बताते हैं और कुछ लोग चुपके-चुपके हमारे बारे में दूसरी बातें पहुंचाते हैं, लेकिन वे खुद आकर हमें सब कुछ बता देते हैं। आखिर आप हमें क्या बताने वाले हैं? क्योंकि हमारा एजेंडा सिर्फ कुर्सी नहीं है। हमारा एजेंडा महाराष्ट्र की जनता के जीवन में बदलाव लाना है। हम उसी एजेंडे पर काम कर रहे हैं। इसलिए कोई कितना भी प्रयास कर ले, महायुति महाराष्ट्र में आगे बढ़ती रहेगी और तेज गति से आगे बढ़ेगी।
शिंदे ने कहा किए महायुति के ढाई साल के कार्यकाल को आपने देखा है। इन ढाई वर्षों में हमने विकास की राह में आने वाली सभी बाधाओं को दूर कर दिया. पहले कुछ लोगों का पैर हमेशा ब्रेक पर रहता था, लेकिन हमारा पैर एक्सेलरेटर पर है। इसी वजह से विकास की गाड़ी बुलेट ट्रेन की रफ्तार से दौड़ रही है। मैंने ढाई साल काम किया और महाराष्ट्र को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। अब देवेंद्र फडणवीस काम कर रहे हैं। हम दोनों एक टीम के रूप में काम कर रहे हैं। हमारा सिर्फ एक ही एजेंडा है- महाराष्ट्र की प्रगति और जनता का विकास।
शिंदे ने कहा कि हर व्यक्ति सुखी रहे, समृद्ध रहे। किसान, मेहनतकश, मजदूर, श्रमिक और मेरी प्यारी बहनें खुशहाल जीवन जिएं, यही हमारी इच्छा है। सच्चे अर्थों में ‘लाडकी बहिण योजना’ शुरू की गई। मैंने स्वयं गरीबी देखी है, गरीबी झेली है। मैंने अपनी मां और अपनी पत्नी को घर चलाने के लिए संघर्ष और बचत करते हुए देखा है।
बंद नहीं होगी ‘लाडकी बहिण योजना’
शिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद हमने ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना’ शुरू करने का निर्णय लिया। कुछ लोगों ने इस योजना में बाधा डालने की कोशिश की, लेकिन मेरी लाडकी बहनों ने उन्हें करारा जवाब दिया और उनकी राजनीति को पूरी तरह खारिज कर दिया। इसलिए मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि चाहे कोई भी सत्ता में आ जाए, लाडकी बहिण योजना कभी बंद नहीं होगी। यह आपके एकनाथ शिंदे का वचन है।
हम जो कहते हैं, वह करके दिखाते हैं। हम छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों को मानने वाले लोग हैं। उनके आशीर्वाद से हम काम कर रहे हैं और उनके आदर्शों को सामने रखकर आगे बढ़ रहे हैं। पीड़ित और जरूरतमंद लोगों की सेवा करना ही सच्ची शिवराय शिवाजी की सीख है। उसी भावना के साथ हम जनता की सेवा कर रहे हैं।
एकनाथ शिंदे ने क्या-क्या कहा?
पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए, एकनाथ शिंदे ने अपने गुट को बालासाहेब ठाकरे की राजनीतिक विरासत का असली उत्तराधिकारी बताने की कोशिश की। उन्होंने कहा, यह सिर्फ़ एक ट्रेलर है। फ़िल्म अभी आनी बाकी है। आज, एक बाघ आपके सामने खड़ा है। कुछ कुत्ते भौंकते रहते हैं। कल और परसों भी वे भौंकते रहेंगे। मैं आपको एक बात बताता हूं, कुत्ते झुंड में भौंकते हैं, लेकिन शेर अकेला आता है। कुत्ते भौंकते रहते हैं जबकि बाघ शिकार करता है। कुत्ते भौंकते रहते हैं, जबकि बाघ दहाड़ता है। यह शिवसेना है…यह शिवसेना है। और आज, यह शिवसेना महाराष्ट्र में मज़बूती से खड़ी दिख रही है।
शिंदे ने सवाल किया कि नेता और कार्यकर्ता प्रतिद्वंद्वी गुट को क्यों छोड़ रहे हैं? उन्होंने कहा, कुछ लोग कहते रहते हैं, अगर कोई जाना चाहता है, तो उसे आज़ादी से जाने दो। उन्हें देखो- वे हर दिन भौंकते रहते हैं। ठीक है, उन्हें जाने दो। लेकिन अब तो सब छोड़ते हुए दिख रहे हैं। वे क्यों छोड़ रहे हैं? ज़रा आत्म-मंथन और आत्म-निरीक्षण तो करो।
शिंदे ने तंज कसते हुए फ़िल्म ‘शोले’ में असरानी के मशहूर डायलॉग का जिक्र करते हुए तंज कसा और कहा कि पहले लोग इधर-उधर जाते थे और कुछ नेता अपने पीछे लोगों को लेकर चलते थे, लेकिन अब उनके पीछे कोई नहीं बचा है। उन्होंने एक शेर पढ़ते हुए कहा- तुम्हारे पांव के नीचे कोई जमीन नहीं, कमाल ये है कि फिर भी तुम्हें यकीन नहीं है।
कांग्रेस के साथ वाले भी हो रहे बर्बाद!
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस उनके लीडरशिप में लगातार कई चुनाव हारी, लेकिन कैप्टन बदलने के बजाय, कांग्रेस उनके फेल लीडरशिप में चुनाव लड़ रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग कांग्रेस के साथ थे, वे भी बर्बाद हो रहे हैं और अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। हमने यह तमिलनाडु में देखा है, उसके अलायंस पार्टनर डीएमके के साथ क्या हुआ? महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के साथ भी यही हुआ। इसलिए, बेहतर है कि अपना दोस्त चुनें।
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लेखक के बारे में
राजेश जायसवाल को पत्रकारिता क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव है। अपने लंबे करियर में उन्होंने समाचार लेखन और रिपोर्टिंग के विभिन्न दायित्व निभाए हैं। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ में कार्यरत हैं।
