एम्बुलेन्स मिल जाती तो नही जाती मेरी बेटी की जान-
फिरोजाबाद, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध जिला अस्पताल में सोमवार को डायलिसिस के दौरान 20 वर्षीय युवती कीर्ति पुत्री स्व. मान सिंह, निवासी मदनपुर, थाना सिरसागंज, की तबीयत अचानक बिगड़ गई
परिजनों के अनुसार कीर्ति पिछले करीब डेढ़ वर्ष से बीमार होने के कारण डायलिसिस पर थी ,उपचार के दौरान अचानक उसका ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल ट्रॉमा सेंटर ले जाने का निर्णय लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डायलिसिस यूनिट से ट्रॉमा सेंटर तक ले जाने के लिए उसकी माँ द्वारा अस्पताल परिसर में खड़ी 108 एंबुलेंस से मदद मांगी गई। लेकिन आरोप है। कि एम्बुलेन्स कर्मियों ने मरीज को ले जाने से साफ इन्कार कर दिया। इसके बाद अस्पताल स्टाफ और अन्य लोगों ने कीर्ति को स्ट्रेचर पर लेकर तेज धूप में ट्रॉमा सेंटर की तरफ दौड़ लगाई, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
गौर तलब है,कि जिला अस्पताल में मरीजों के सीटी स्कैन एवं एक्स-रे अथवा ट्रॉमा सेंटर से वार्डो में मरीजो को शिफ्ट कराने के लिए एम्बुलेन्स उपलब्ध रहती है। लेकिन कीर्ति की हालत बिगड़ने पर क्यों नहीं बुलाई गई,और अगर उसकी हालत इतनी बिगड़ रही थी, तो विशेषज्ञ डॉक्टरों को वहाँ क्यों नहीं बुलाया गया , आखिर चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों के दिल मे इतनी मानवता भी नही रही। यदि समय रहते विशेषज्ञ को बुला लिया गया होता, तो शायद कीर्ति की जान बच सकती थी। भले ही जिला अस्पताल के अधिकारी अच्छा इलाज मुहैया कराने के नाम पर अपनी पीठ थपथपाते रहते हो। लेकिन इस तरह की लापरवाही धरती का भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों की लापरवाही पर प्रश्न खड़ा कर रही है। इतनी भीषण गर्मी में डायलेसिस यूनिट से ट्रॉमा सेंटर की दूरी लगभग 500 मीटर से कम नही होगी, उस तपती धूप में उसे इस तरह स्ट्रैचर पर लेकर आना क्या असहनीय नही है। उसकी माँ बार-बार रो रोकर यही कहती हुई विलाप कर रही थी, कि अगर एम्बुलेन्स मिल जाती तो शायद मेरी बेटी की जान बच सकती थी।
स्वास्थ्य विभाग के लापरवाह कर्मचारियो का दिल क्यो नही पसीजता है, जब किसी परिवार की बेटी अथवा सदस्य की जान उनकी जरा सी भूल के कारण चली जाती है।
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लेखक के बारे में
रविंद्र वर्मा वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के फिरोज़ाबाद ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ के साथ वह समाचार कवरेज और रिपोर्टिंग का कार्य कर रहे हैं।
