यूपीआई के माध्यम से अवैध धन उगाही के आरोप में लेखपाल निलंबित
समय सीमा के भीतर स्पष्टीकरण न देने पर एसडीएम ने की कार्रवाई
सेवराई (गाजीपुर)। स्थानीय तहसील सेवराई में तैनात एक लेखपाल पर यूपीआई के माध्यम से अवैध रूप से धनराशि प्राप्त करने के आरोप में उपजिलाधिकारी ने निलंबन की कार्रवाई की है। मामले में जारी कारण बताओ नोटिस का निर्धारित समय के भीतर कोई संतोषजनक जवाब न देने पर यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, तहसील सेवराई के कल्याणपुर क्षेत्र में तैनात लेखपाल उपेंद्र कुमार पर व्यक्तिगत बैंक खाते में यूपीआई के माध्यम से अवैध रूप से धनराशि प्राप्त करने का आरोप लगा था। इस संबंध में समाचार पत्रों एवं अन्य स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर तहसीलदार की आख्या पर उपजिलाधिकारी संजय यादव ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
तहसीलदार द्वारा 27 जून को जारी नोटिस में लेखपाल से निर्धारित समय के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कोई उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद उपजिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए लेखपाल उपेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
तहसीलदार की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि लेखपाल उपेंद्र कुमार अपने कार्य क्षेत्र में निवास नहीं कर रहे हैं। उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन भी बंद मिला। इसे उनके पद के प्रति घोर उदासीनता एवं लापरवाही का परिचायक माना गया है।
निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान लेखपाल को वित्तीय नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। मामले की विभागीय जांच जारी रहेगी तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उपजिलाधिकारी की इस कार्रवाई से तहसील क्षेत्र के राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। उपजिलाधिकारी संजय यादव ने बताया कि धन उगाही के आरोप में कारण बताओं नोटिस जारी करने के बाद निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं दिया जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि भ्रष्टाचार और सरकारी दायित्वों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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