नवयुग में सावन मेला का भव्य आयोजन
सावन माह केवल वर्षा ऋतु या हरियाली का महीना नहीं है बल्कि आस्था उल्लास और सांस्कृतिक चेतना का पर्व : प्रो मंजुला
लखनऊ। नवयुग कन्या महाविद्यालय में पवित्र श्रावण मास पर आधारित भारतीय भाषा कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए सावन मेला का आयोजन महाविद्यालय की भारतीय भाषा कला एवं संस्कृति समिति तथा अहिल्याबाई होलकर सांस्कृतिक क्लब के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर मंजुला उपाध्याय के निर्देशन में धूमधाम से आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि ने कहा कि सावन माह केवल वर्षा ऋतु या हरियाली का महीना नहीं है बल्कि भारतीय लोकजीवन में आस्था उल्लास और सांस्कृतिक चेतना का पर्व है सावन मेला सामाजिक समरसता का केंद्र होता है विभिन्न वर्गों और समुदायों के लोग एक साथ मेले में सम्मिलित होते हैं झूला के कजरी गीत सावन के भावनात्मक और सांस्कृतिक अनुभूति को प्रकट करते हैं , विशिष्ट अतिथि ने कहा कि सावन का मेला हमें यह संदेश देता है कि संस्कृति केवल पुस्तकों और संग्रहालयों में सुरक्षित नहीं रहती वह जनजीवन लोकगीतों उत्सवों और हमारी सामूहिक स्मृतियों में निरंतर जीवित रहती है। महाविद्यालय में प्राचार्या ने अध्यक्षीय ने कहा कि मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि लोक अर्थव्यवस्था और लोक कलाओं के संरक्षण का महत्वपूर्ण साधन है इन मेले का आयोजन भारतीय लोक संस्कृति सामुदायिक सहभागिता और परंपरागत कला के जीवन उत्सव के रूप में देखना चाहिए। विभाजन स्मृतिका दिवस के अवसर पर देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति सराहनीय रहीं। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ऋतु शाही सदस्य राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश,विशिष्ट अतिथि डॉ श्रद्धा शुक्ला निदेशक राज्य ललित कला अकादमी उपस्थित रहीं ।
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