UPSSSC परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का खुलासा, मास्टरमाइंड समेत दो गिरफ्तार
ब्लूटूथ और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए अभ्यर्थी को नकल कराने की थी योजना
50 हजार रुपये नकद समेत मोबाइल, सिम, मार्कशीट और शैक्षणिक प्रमाणपत्र बरामद
लखनऊ। प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यूपी एसटीएफ और थाना महानगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और ब्लूटूथ के माध्यम से नकल कराने की कथित साजिश का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, 23 अगस्त 2026 को दयानंद कन्या इंटर कॉलेज, सेक्टर-सी, थाना महानगर में UPSSSC की परीक्षा के दौरान सूचना मिली थी कि एक अभ्यर्थी ब्लूटूथ के माध्यम से परीक्षा में अनुचित मदद लेने की कोशिश कर रहा है। सूचना के आधार पर एसटीएफ और महानगर पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए बृजेश कुमार यादव उर्फ बब्लू को गिरफ्तार किया था।
मामले की विवेचना के दौरान बृजेश से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को रमेश चंद्र पटेल और सत्यप्रकाश यादव के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
ब्लूटूथ के जरिए उत्तर बताने की थी योजना
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और ब्लूटूथ के माध्यम से अभ्यर्थी को प्रश्नों के उत्तर बताने की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार, इस काम के लिए बृजेश कुमार यादव ने रमेश चंद्र पटेल को एडवांस के तौर पर कुछ रकम भी दी थी।
जांच में यह भी सामने आया कि रमेश चंद्र पटेल कथित तौर पर नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे के लेनदेन में शामिल था। पूछताछ में उसके द्वारा बृजेश की नौकरी के लिए पांच लाख रुपये में बातचीत किए जाने और इसमें एक लाख रुपये कमीशन मिलने की बात बताई गई। पुलिस के मुताबिक, बरामद 50 हजार रुपये इसी रकम का हिस्सा बताए गए हैं।
होटल और सीसीटीवी फुटेज से मिली अहम जानकारी
विवेचना के दौरान पुलिस टीम को सूचना मिली कि बृजेश कुमार यादव अपने एक साथी के साथ निशातगंज चौराहे स्थित अमित होटल में रुका था। होटल का रजिस्टर चेक करने पर दो व्यक्तियों के ठहरने की जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से दूसरे व्यक्ति की पहचान और तलाश की। जांच के दौरान सत्यप्रकाश यादव को दयानंद इंटर कॉलेज के पास अपने साथी का इंतजार करते हुए पकड़ा गया। पूछताछ के बाद पुलिस टीम उसे लेकर प्रयागराज पहुंची, जहां संगम रेलवे स्टेशन के सामने रमेश चंद्र पटेल को बुलाकर पूछताछ की गई।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों की भूमिका सामने आने के बाद सत्यप्रकाश यादव और रमेश चंद्र पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया।
बड़ी मात्रा में दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा अलग-अलग व्यक्तियों के नाम से 13 मार्कशीट और शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पांच ब्लैंक चेक, दो चेकबुक, लैपटॉप सर्विस की एक रसीद, एडमिट कार्ड की छायाप्रति, आधार कार्ड की छायाप्रति और बैंक ऑफ बड़ौदा की दो जमा पर्चियां बरामद हुई हैं।
इसके अलावा दो पैन कार्ड, दो एटीएम कार्ड, दो ड्राइविंग लाइसेंस, दो आधार कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कार्ड, माध्यमिक शिक्षा परिषद का परिचय पत्र, पॉकेट डायरी, दो चाभी गुच्छे, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का रैपर और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।
दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, मामले में दो अन्य वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना महानगर में मु0अ0सं0 157/2026 के तहत बीएनएस की धारा 61(2)/318(4) और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 की धारा 13(5) के तहत कार्रवाई की गई है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सत्यप्रकाश यादव निवासी जौनपुर, हाल पता प्रयागराज और रमेश चंद्र पटेल निवासी जौनपुर, हाल पता प्रयागराज के रूप में हुई है।कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राजू कृष्ण सिंह, उपनिरीक्षक राजेंद्र प्रसाद, उपनिरीक्षक दीपक कुमार बिंद और कांस्टेबल अमन कुमार, थाना महानगर कमिश्नरेट लखनऊ शामिल रहे।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
