बेटे-बहू की प्रताड़ना से परेशान बुजुर्ग के लिए सहारा बनी गोसाईगंज पुलिस
थाना पहुंचते ही पुलिस ने सुनी फरियाद, मौके पर भेजी टीम
बेटे के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई और बहू को दी सख्त हिदायत
लखनऊ। राजधानी में पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली का एक उदाहरण गोसाईगंज थाना क्षेत्र में सामने आया है। बेटे और बहू की कथित प्रताड़ना से परेशान एक बुजुर्ग न्याय और मदद की उम्मीद लेकर गोसाईगंज थाने पहुंचे। उनकी स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए न केवल उनकी शिकायत सुनी, बल्कि उन्हें भावनात्मक सहारा देते हुए तत्काल पुलिस सहायता और सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया।
परेशान हालत में थाने पहुंचे बुजुर्ग
पुलिस के मुताबिक, बुजुर्ग काफी परेशान और भावुक अवस्था में थाना गोसाईगंज पहुंचे थे। उनकी स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी ने उन्हें अपने पास बैठाया और आत्मीयता के साथ उनकी पूरी बात सुनी। उन्हें ढांढस बंधाने के साथ सूक्ष्म जलपान भी कराया गया, जिससे उन्हें कुछ राहत और मानसिक संबल मिला।
प्रार्थना पत्र मिलते ही शुरू हुई कार्रवाई
जलपान के बाद थाना प्रभारी ने बुजुर्ग से उनकी पारिवारिक परिस्थितियों और समस्या के बारे में विस्तार से जानकारी ली। बुजुर्ग ने अपने बेटे और बहू द्वारा कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने की शिकायत करते हुए प्रार्थना पत्र दिया।पुलिस ने शिकायत पर तत्काल संज्ञान लिया और बिना किसी देरी के मौके की स्थिति की जानकारी लेने के लिए टीम को रवाना किया।
पुलिस टीम बुजुर्ग को साथ लेकर पहुंची मौके पर
गोसाईगंज पुलिस टीम सरकारी वाहन से बुजुर्ग को साथ लेकर उनके घर पहुंची। मौके पर मामले की जानकारी लेने के बाद महिला उपनिरीक्षक सोनम राय और हेड कांस्टेबल सर्वेश सिंह ने बुजुर्ग की बहू को कड़ी हिदायत दी।पुलिस ने स्पष्ट किया कि बुजुर्ग के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार या प्रताड़ना नहीं की जानी चाहिए और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए।
बेटे के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग की शिकायत और मौके की परिस्थितियों के आधार पर उनके बेटे के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इसका उद्देश्य भविष्य में किसी अप्रिय स्थिति को रोकना और बुजुर्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
कानूनी मदद और सुरक्षा का भरोसा
गोसाईगंज पुलिस ने बुजुर्ग को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या के समाधान के लिए नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्हें हरसंभव कानूनी सहायता और सुरक्षा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।पुलिस के मुताबिक, बुजुर्ग की सुरक्षा और सहायता से संबंधित आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
संवेदनशील पुलिसिंग का संदेश
गोसाईगंज पुलिस की इस कार्रवाई को पुलिस के मानवीय और संवेदनशील पक्ष के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। कार्रवाई से यह संदेश भी सामने आता है कि पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि असहाय और परेशान लोगों को आवश्यक सहयोग, सुरक्षा और कानूनी सहायता उपलब्ध कराना भी उसकी जिम्मेदारी है।बुजुर्ग की स्थिति को समझते हुए थाना प्रभारी द्वारा जिस तरह तत्काल उनकी बात सुनी गई और पुलिस टीम को मौके पर भेजकर कार्रवाई की गई, वह जनता के प्रति पुलिस की संवेदनशील और जवाबदेह कार्यशैली को दर्शाता है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
