नकली दवाओं का भंडाफोड़, नामी ब्रांड्स के नाम पर खेल, 2157 बोतलें जब्त
पुलिस और ड्रग विभाग की टीम ने भारी मात्रा में नकली सिरप की खेप पकड़ी
- काले कारोबार का कनेक्शन लखनऊ के सबसे बड़े दवा बाजार अमीनाबाद से जुड़ा मिला
बख्शी का तालाब। लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बीकेटी इलाके में पुलिस और ड्रग विभाग की टीम ने घेराबंदी करके भारी मात्रा में नकली सिरप और जेल की खेप पकड़ी है। इस काले कारोबार का कनेक्शन लखनऊ के सबसे बड़े दवा बाजार अमीनाबाद से जुड़ा है।
खुफिया जानकारी के आधार पर बीकेटी पुलिस और स्वाट टीम ने किसान पथ के पास मामपुर खड़ंजा मार्ग पर चेकिंग शुरू की। इसी दौरान एक सफेद मारुति ओमनी वैन को रोका गया। गाड़ी की तलाशी लेने पर पुलिस हैरान रह गई। वैन के भीतर प्लास्टिक की 13 बड़ी बोरियां भरी हुई थीं, जिन्हें बारिश से बचाने के लिए कसकर बांधा गया था। बोरियां खोलने पर उनके अंदर से नामी कंपनियों के लेबल लगी दवाओं की बोतलें निकलीं। वैन चालक के पास इन दवाओं का कोई बिल या वैध कागजात नहीं था, जिसके बाद ड्रग विभाग को मौके पर बुलाया गया।
जांच टीम ने जब बरामद बोतलों की जांच की, तो बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। बाजार में बिकने वाले यूरिन इन्फेक्शन के सिरप 'अल्कासोल' के असली सैंपल से जब इसका मिलान किया गया, तो ढक्कन, प्रिंटिंग और लोगो में भारी अंतर मिला। इसी तरह पेट दर्द और गैस के लिए मशहूर 'म्यूकेन जेल' के रैपर पर भी कई गलतियां पाई गई। टीम ने मौके से अल्कासोल की 1,063 बोतलें, म्यूकेन जेल की 848 बोतलें और खून बढ़ाने वाले 'रूबिरेड' सिरप की 246 बोतलें जब्त की हैं।
पुलिस ने वैन चला रहे भूपेन्द्र सिंह निवासी माल, लखनऊ को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने कुबूल किया कि, वह यह माल राज विक्रम सिंह और विनीत सिंह के कहने पर अमीनाबाद दवा बाजार पहुंचाने जा रहा था। पुलिस ने केस दर्ज कर मुख्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
