डॉ. जबीर अहमद को सीएसआईआर-एनबीआरआइ के निदेशक की जिम्मेदारी
एनबीआरआई लखनऊ के पूर्व निदेशक डॉ. अजीत कुमार शासनी ओडिशा केंद्रीय विवि के बने वीसी
लखनऊ। सीएसआईआर-भारतीय समेकित औषधि संस्थान जम्मू के निदेशक डॉ. जबीर अहमद को लखनऊ स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा, यह व्यवस्था सीएसआईआर-एनबीआरआई, लखनऊ के पूर्व निदेशक डॉ. अजीत कुमार शासनी की ओडिशा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में नियुक्ति के उपरांत की गई है।
सीएसआईआर उपाध्यक्ष ने अनुमोदन प्रदान किया है कि डॉ. जबीर अहमद नियमित निदेशक की नियुक्ति होने अथवा अगले आदेश जारी होने तक, जो भी पहले हो, सीएसआईआर-एनबीआरआई के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। इस अवधि में वे बिना किसी अतिरिक्त पारिश्रमिक के इस पद से संबंधित सभी शक्तियों एवं दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
ये खबर भी पढ़े : महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, साइबर अपराध पर तुरंत करें शिकायत : पुलिस आयुक्त.jpeg)
सीएसआईआर-एनबीआरआई देश के अग्रणी अनुसंधान संस्थानों में से एक है, जो पादप विज्ञान, जैव विविधता संरक्षण, वर्गिकी (टैक्सोनॉमी) तथा वनस्पति अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। यह अंतरिम व्यवस्था सीएसआईआर-एनबीआरआई में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने तथा संस्थान की चल रही वैज्ञानिक गतिविधियों के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। डॉ. जबीर को औषधि खोज (ड्रग डिस्कवरी) एवं प्राकृतिक उत्पाद अनुसंधान के क्षेत्र में 28 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने सूजन संबंधी तथा चयापचय (मेटाबोलिक) विकारों पर अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उनके नेतृत्व में सीएसआईआर-आईआईआईएम, जम्मू ने सीएसआईआर फाइटोफार्मास्यूटिकल मिशन, अरोमा मिशन तथा फ्लोरीकल्चर मिशन जैसी राष्ट्रीय पहलों के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे जम्मू-कश्मीर में लैवेंडर की खेती को बढ़ावा देकर पर्पल रिवोल्यूशन को नई गति प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण रूप से जुड़े रहे हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने घट्टी (कठुआ) तथा हंदवाड़ा में औद्योगिक जैव-प्रौद्योगिकी पार्कों की स्थापना में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उन्होंने 150 से अधिक शोधपत्र प्रकाशित किए हैं, अनेक पीएच.डी. एवं स्नातकोत्तर शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया है तथा उनके नाम अनेक पेटेंट दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025 में उन्हें भारतीय सेना द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता के लिए एप्रिसिएशन अवार्ड प्रदान किया गया तथा सीएसआईआर अरोमा मिशन के लिए टीम सदस्य के रूप में भारत के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वहीं निवर्तमान एनबीआईआर लखनऊ निदेशक डा. शासनी की बात करें तो उन्होंने एक लंबा कार्यकाल लखनऊ स्थित संस्थान में बिताया और उनकी अगुवाई और मार्गदर्शन में एनबीआरआई लखनऊ की टीम ने राज्य व नेशनल ही नहीं बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भी शोध, अनुसंधान व नवाचार कार्यक्रमों में कई उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किये।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
