अबान अहमद की मिट्टी में शामिल होंगे अली और उमर
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी पैरोल, दिए सुरक्षा के सख्त निर्देश
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माफिया अतीक अहमद के दिवंगत बेटे अबान अहमद के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उसके भाइयों अली अहमद और उमर अहमद को पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र समंत की पीठ ने अबान की बुआ परवीन कुरैशी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया।
अदालत ने निर्देश दिया कि दोनों भाई अबान की मिट्टी में शामिल हो सकेंगे और परिवार के साथ सीमित समय बिता सकेंगे। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने दिवंगत परिजन को अंतिम श्रद्धांजलि देना चाहता है तो उसे केवल सुरक्षा कारणों से रोका नहीं जाना चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था करना राज्य सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि अली अहमद और उमर अहमद को आठ अगस्त शनिवार को अंतिम संस्कार से पहले या बाद में अपने परिवार के साथ एक-एक घंटे का समय दिया जाए। दोनों भाइयों को प्रशासन की निगरानी और कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से लाया जाएगा और कार्यक्रम पूरा होने के बाद सुरक्षित वापस जेल पहुंचाया जाएगा।
अली अहमद इस समय झांसी जेल में बंद है, जबकि उमर अहमद लखनऊ जेल में निरुद्ध है। सुनवाई के दौरान दोनों भाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए। झांसी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में तकनीकी परेशानी आने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और कहा कि केवल आवाज सुनाई दे रही है, वीडियो क्यों नहीं दिख रहा। इसके बाद तकनीकी समस्या को ठीक कराया गया और सुनवाई आगे बढ़ी।
सुनवाई के दौरान अली अहमद ने अदालत से कहा कि वह अपने छोटे भाई अबान को अंतिम विदाई देना चाहता है और परिवार के साथ कुछ समय बिताना चाहता है। अदालत ने उसकी प्रार्थना स्वीकार करते हुए जरूरी शर्तों के साथ पैरोल मंजूर कर ली।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उमर अहमद ने अली से कहा, "अली हिम्मत रखो, कल मुलाकात होगी। मीडिया कुछ भी बुलवाए तो बोलना मत।" इसके बाद अदालत ने दोनों भाइयों को निर्धारित शर्तों के तहत पैरोल देने का आदेश जारी किया।
सड़क हादसे में हुई थी अबान की मौत
बताया गया कि अबान अहमद की झांसी में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। शुक्रवार सुबह उसका शव प्रयागराज लाया गया। शव को पुरामुफ्ती क्षेत्र के हटवा स्थित बुआ परवीन कुरैशी के आवास पर रखा गया, जहां परिवार के लोग और रिश्तेदार जुटे। अबान अहमद का अंतिम संस्कार प्रयागराज के चकिया स्थित कसारी मसारी कब्रिस्तान में किया जाएगा। इसके लिए कब्र तैयार कर ली गई है। अंतिम संस्कार को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। हटवा में शव पहुंचने के बाद लोगों की भीड़ जुटने लगी, जिसके चलते वहां पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं चकिया स्थित अतीक अहमद के पुश्तैनी आवास के आसपास भी लोग जमा रहे और जनाजे में शामिल होने का इंतजार करते रहे।
सुरक्षा व्यवस्था रहेगी प्रशासन की जिम्मेदारी
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि पैरोल अवधि के दौरान दोनों भाइयों की गतिविधियां अदालत की तय शर्तों के अनुसार रहेंगी। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।अदालत ने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हो तो दोनों भाई निर्धारित स्थान पर नमाज अदा कर सकते हैं और इसके लिए प्रशासन को सभी जरूरी इंतजाम करने होंगे।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
