झुलसे दक्ष के इलाज को डीएम ने दिए 1 लाख रुपये
11 हजार केवी लाइन की चपेट में आया था मासूम, बरेली के अस्पताल में चल रहा इलाज
मुजाहिद खां
रामपुर:हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर जिंदगी और मौत से जूझ रहे मासूम के इलाज के लिए जिला प्रशासन देवदूत बनकर सामने आया है।जनता दर्शन में आर्थिक तंगी की लाचारी लेकर पहुंचे बेबस पिता की व्यथा पर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने फौरी संवेदनशीलता दिखाई।11 हजार केवी विद्युत लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसे बालक दक्ष के समुचित उपचार के लिए प्रशासन ने चाइल्ड केयर एण्ड प्रोटेक्शन फण्ड से तत्काल एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की।डीएम ने पीड़ित परिजनों को कलेक्ट्रेट बुलाकर एक लाख रुपये का चेक सौंपा,जिससे बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती मासूम के आगे के इलाज की राह आसान हो गई है।
जनता दर्शन में पिता ने सुनाई थी बेबसी
तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम नईमगंज निवासी मुकेश कुमार विगत दिनों कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन में पहुंचे थे।उन्होंने जिलाधिकारी के समक्ष नम आंखों से अपनी व्यथा बयां करते हुए बताया कि उनका पुत्र दक्ष 11 हजार केवी विद्युत लाइन के संपर्क में आने से बुरी तरह झुलस गया है।हादसे के बाद उसे गंभीर हालत में बरेली स्थित एहसान हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया,जहां उसका सघन उपचार चल रहा है।परिवार की कमजोर माली हालत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारी-भरकम चिकित्सा खर्च उठाना अब उनके बूते से बाहर हो चुका है और पैसे के अभाव में बेटे का उपचार बीच में ही रुकने के कगार पर पहुंच गया है।
अफसरों को जांच और त्वरित राहत का मिला जिम्मा
पीड़ित पिता की दर्दनाक दास्तान सुनने के बाद जिलाधिकारी ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया।उन्होंने बिना किसी देरी के जिला कार्यक्रम अधिकारी को बच्चे की चिकित्सा स्थिति व पारिवारिक पृष्ठभूमि की त्वरित जांच कर आवश्यक विधिक व प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के सख्त निर्देश दिए।निर्देश मिलते ही विभागीय तंत्र सक्रिय हुआ और औपचारिकताएं पूर्ण कर बच्चे को राहत दिलाने की रूपरेखा तैयार की गई।
चाइल्ड केयर एण्ड प्रोटेक्शन फण्ड से मिला सहारा
जिले में विषम परिस्थितियों में फंसे और गंभीर बीमारियों का सामना कर रहे बच्चों के संरक्षण व देखभाल के लिए चाइल्ड केयर एण्ड प्रोटेक्शन फण्ड की व्यवस्था है।इसी कोष का उपयोग करते हुए दक्ष के उपचार के लिए एक लाख रुपये की तात्कालिक सहायता मंजूर की गई।इसके उपरांत जिलाधिकारी ने दक्ष के परिजनों को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय कक्ष में आमंत्रित कर एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया।
प्रशासनिक मदद पर परिजनों ने जताया आभार
चेक प्राप्त करने के बाद दक्ष के परिजनों की आंखें भर आईं और उन्होंने जिलाधिकारी का आभार जताया।परिजनों का कहना था कि जीवन के सबसे विकट आर्थिक संकट के दौर में मिली यह सरकारी इमदाद उनके बेटे को नया जीवन देने में मददगार साबित होगी।वहीं जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आर्थिक अभाव के चलते किसी भी जरूरतमंद बच्चे का उपचार नहीं रुकने दिया जाएगा।जनता की समस्याओं का प्राथमिकता पर त्वरित निस्तारण करना ही प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
