लू से बचाव को जिला प्रशासन अलर्ट,अधिकारियों की बैठक में जारी हुई एडवाइजरी
रामनाथ सिंह
बिजनौर। जिले में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वान्या सिंह की अध्यक्षता में हीटवेव से बचाव को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित विभागों को समय रहते तैयारियां पूरी करने और आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से लू से बचाव संबंधी एडवाइजरी जारी की गई है। लोगों से अपील की गई है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और धूप में जाने पर सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखें।
जिला आपदा विशेषज्ञ प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि गर्म हवाओं से बचने के लिए घर की खिड़कियों को एल्यूमिनियम पन्नी या गत्ते से ढककर रखें। जिन खिड़कियों और दरवाजों से दोपहर में गर्म हवा आती है, वहां गहरे रंग के पर्दे लगाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों और पालतू जानवरों को बंद वाहन में अकेला न छोड़ें।
उन्होंने लोगों को हल्का व संतुलित भोजन करने, बासी भोजन से बचने तथा शराब व अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करने की सलाह दी। घर में लस्सी, छाछ, बेल का शर्बत, नींबू पानी और आम का पना जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने को कहा गया।
विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। हृदय रोग, मधुमेह, मोटापा और अधिक उम्र वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ये हैं लू के लक्षण गर्म व लाल त्वचा, पसीना न आना, तेज नाड़ी, सिरदर्द, चक्कर आना, कमजोरी, मिचली और पेशाब कम होना लू के प्रमुख लक्षण हैं। चिकित्सकों के अनुसार समय पर उपचार न मिलने पर शरीर के आंतरिक अंग प्रभावित हो सकते हैं।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
