छात्र आंदोलन मुद्दे पर झारखंड विधानसभा में विपक्ष का प्रदर्शन
पहली पाली की कार्यवाही बाधित
- कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी
रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की मंगलवार को पहली पाली छात्र आंदोलन के मुद्दे पर हंगामे की भेंट चढ़ गई। विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों के बीच नारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के कारण विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। हालांकि, दोपहर दो बजे के बाद सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चल रही है।
सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने छात्र आंदोलन और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन के बेल में पहुंच गए। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि विपक्षी विधायकों ने राज्य सरकार पर छात्रों पर लाठीचार्ज कराने का आरोप लगाया।
विपक्षी सदस्यों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की भी मांग की। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने छात्रों पर जानबूझकर लाठियां बरसाईं। उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जता रहे थे।
हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने शून्यकाल की सभी सूचनाओं को पढ़ा हुआ मानते हुए उन्हें संबंधित विभागों को भेजने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर दो बजे के बाद सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई और फिलहाल सुचारु रूप से चल रही है।
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लेखक के बारे में
हर्षित साहू पिछले करीब दो वर्षों से ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं और बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। वह लखनऊ में आधारित हैं और समाचार लेखन के माध्यम से समसामयिक, सामाजिक एवं स्थानीय मुद्दों से जुड़ी खबरें लिखते हैं।
