बस्ती की राजनीति को बड़ा झटका, रामनगर से तीन बार विधायक रहे राम ललित चौधरी का निधन
बस्ती - रुधौली विधानसभा क्षेत्र के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक राम ललित चौधरी (66 वर्ष) का बीती रात लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे बस्ती जनपद के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।बताया जा रहा है कि लगभग 15 दिन पहले वह घर में फिसल कर गिर गए थे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई थीं। परिजनों ने उन्हें तत्काल लखनऊ में भर्ती कराया था, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। लेकिन देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव परसा लालशाही, रुधौली लाया जा रहा है।
रुधौली विधानसभा जो परिसीमन से पहले रामनगर विधानसभा के नाम से जानी जाती थी, वहां से राम ललित चौधरी ने तीन बार जीत दर्ज की थी। 1989 और 1991 में उन्होंने जनता दल के टिकट पर चुनाव जीता।1993 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।1996 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर तीसरी बार विधायक बनकर इतिहास रचा।उस दौर में जब मंडल-कमंडल की राजनीति चरम पर थी, तब पिछड़े वर्ग से आने वाले एक जमीनी नेता के तौर पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी।बाद के वर्षों में उन्होंने समाजवादी पार्टी से भी चुनाव लड़ा। 2012 के विधानसभा चुनाव में सपा प्रत्याशी के तौर पर रुधौली से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने 38 हजार से अधिक वोट हासिल किए थे।
राजनीति से उन्होंने कभी संन्यास नहीं लिया। जनवरी 2023 में उन्होंने ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) की सदस्यता ली थी, जहां उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी।सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर सहित बस्ती के कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। रुधौली के कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक नेता का नहीं, बल्कि एक पूरे राजनीतिक युग का अंत है। ईश्वर पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
