सिविल अस्पताल: चोकिंग की शिकार महिला की बची जान
लखनऊ। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल चिकित्सालय में आज शाम चिकित्सकीय तत्परता, त्वरित निर्णय और टीमवर्क का एक चमत्कारिक सराहनीय उदाहरण देखने को मिला, जब गंभीर अवस्था में लाई गई एक महिला मरीज की जान समय रहते (श्वास नली में बाहरी पदार्थ फँसने) को दूर कर बचाई गई।
आज लगभग शाम 6:39 बजे चिकित्सालय के निदेशक डॉ. जीपी. गुप्ता अपने कार्यालय से इमरजेंसी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने एक महिला मरीज को स्ट्रेचर पर अत्यंत गंभीर अवस्था में इमरजेंसी की ओर ले जाते देखा। डॉ. गुप्ता ने तत्काल स्वयं मरीज का परीक्षण किया और पाया कि मरीज में नाड़ी तथा श्वास के संकेत नहीं मिल रहे थे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉ. गुप्ता ने इमरजेंसी चिकित्सा टीम के साथ तत्काल सीपीआर एवं आवश्यक जीवनरक्षक प्रयास प्रारंभ किए। मरीज को शीघ्र ही आईसीयू में स्थानांतरित किया गया। इस दौरान डॉ. गुप्ता स्वयं मरीज के सिरहाने रहकर उसके वायुमार्ग साफ़ करने के लिए लगातार प्रयास करते रहे।
आईसीयू में पहुंचने के बाद तत्काल अंतःश्वासनलीय इंटुबैशन की प्रक्रिया की गई। जांच एवं एयरवे मैनेजमेंट के दौरान श्वास नली में फँसे हुए भोजन के अंश तथा प्लास्टिक के पदार्थ को बाहर निकाला गया। एयरवे क्लियर होने के बाद मरीज की श्वसन स्थिति में सुधार हुआ और आवश्यक उपचार प्रदान किया गया।चिकित्सकों के अनुसार मरीज अब स्थिर एवं स्वस्थ अवस्था में है तथा चिकित्सकीय निगरानी में है। इस घटना में चिकित्सालय के निदेशक डॉ. जी.पी. गुप्ता की मौके पर तत्काल प्रतिक्रिया, स्वयं मरीज की स्थिति का आकलन करते हुए नेतृत्व प्रदान करना तथा इमरजेंसी एवं आईसीयू टीम की त्वरित कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
डॉ. जी.पी. गुप्ता ने कहा कि घुटन एक ऐसी आपातकालीन स्थिति है जिसमें प्रत्येक सेकंड महत्वपूर्ण होता है। यदि समय रहते वायुमार्ग साफ़ करने के लिए कर दिया जाए और आवश्यक सीपीआर एवं जीवनरक्षक उपाय प्रारंभ कर दिए जाएँ, तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। डॉ गुप्ता ने इमरजेंसी एवं आईसीयू की पूरी चिकित्सा टीम के त्वरित एवं समन्वित प्रयासों की सराहना की तथा कहा कि “ समय पर सही कदम—किसी का जीवन बचा सकता है।”
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शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
