चाइल्ड लाइन ने दी विभिन्न क्षेत्रों में सहायता
बदायूं। चाइल्ड हेल्पलाइन के अन्तर्गत संकटग्रस्त बच्चों के लिए चौबीस घंटे की आपातकालीन आउटरीच सेवा के रूप में कार्य करती है। आपातकालीन या दीर्घकालिक देखभाल और पुनर्वास सेवा से जोड़ती है। 1098 कठिन परिस्थितियों में बच्चों के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर है। चाइल्ड हेल्पलाइन मिशन वात्सल्य योजना के अन्तर्गत संचालित एक योजना है जिसका प्रदेश में राज्य स्तर पर कन्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है एवं जनपद में जिला बाल संरक्षण इकाई के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार जनपद में चाइल्ड हेल्पलाइन यूनिट महिला चिकित्सालय में संचालित है। चाइल्ड हेेल्पलाइन द्वारा अव तक जनपद के 1084 बालक, बालिकाओं को विभिन्न क्षेत्रों में सहायता प्रदान की गई है।
चाइल्ड हेल्पलाइन सेवा का प्राथमिक उद्देश्य सुरक्षा से बाहर हुए किसी भी बच्चे को आपातकालीन और तत्काल प्रतिक्रिया प्रदान करना और बच्चे को मौजूदा दीर्घकालिक सेवाओं से जोड़ना है। जिसमें आकस्मिक पुलिस सहायता, चिकित्सा, आश्रय, कानूनी सहायता, भावनात्मक समर्थन या मार्गदर्शन प्रदान करता है, इसलिए चाइल्ड हेल्पलाइन संकट की स्थिति में बच्चों और उनके पुनर्वास, परिवार में पुर्नसमेकन या सामाजिक पुनः एकीकरण के लिए उपलब्ध सेवाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करती है। विभिन्न आवश्यकताओं वाले बच्चे जो कभी भी, कहीं से भी और किसी भी छोटी बड़ी बात हेतु चाइल्ड हेल्पलाइन को कॉल करते हैं यह एक.बिंदु संपर्क के रूप में कार्य करता है जो उन्हें आवश्यक सहायता, सलाह और सक्रिय हस्तक्षेप तक त्वरित पहुंच की सुविधा प्रदान करता है।
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पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले शारिक नसीर वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के बदायूं ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
