बहराइच में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को एक माह के भीतर मृत्युदंड
पॉक्सो कोर्ट ने लगाया एक लाख रुपये का जुर्माना
बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में नाबालिग बच्चे के साथ दुष्कर्म और निर्मम हत्या के मामले में पुलिस की प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के बाद दोषी अभियुक्त को त्वरित न्याय मिला है। पॉक्सो एक्ट के तहत गठित न्यायालय के पीठासीन अधिकारी अरविंद कुमार गौतम ने आरोपी मुकेश निषाद को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर 1 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा का आदेश दिया गया है।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत की गई, जिसके अंतर्गत चिन्हित गंभीर अपराधों में दोषी अभियुक्तों के विरुद्ध अधिकतम और त्वरित दंड दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
शादी समारोह से लापता हुआ था सात वर्षीय बच्चा
मामला थाना कैसरगंज क्षेत्र का है। घटना के संबंध में 13 मई 2026 को वादी लक्ष्मण निषाद पुत्र हीरा निषाद निवासी दयालपुरवा, मंझारा तौकली, थाना कैसरगंज, जनपद बहराइच ने पुलिस को सूचना दी थी।
वादी ने बताया कि उसका सात वर्षीय पुत्र धनंजय 12 मई 2026 की रात गांव में आयोजित शादी समारोह में गया था, लेकिन देर रात तक वापस घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन सुबह खोजबीन के दौरान घर से करीब 400 मीटर दूर रास्ते के किनारे झाड़ियों में बच्चे का शव मिला।
बच्चे के गले पर चोट के निशान पाए गए थे। परिजनों ने पुरानी रंजिश के चलते मुकेश निषाद पुत्र राम सुमिरन निषाद, रामविजय निषाद पुत्र रामबली और रामबली पुत्र अज्ञात पर हत्या का आरोप लगाया था। तहरीर के आधार पर थाना कैसरगंज में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस टीम गठित कर शुरू हुई जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बहराइच ने क्षेत्राधिकारी कैसरगंज के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया और मामले के जल्द खुलासे के निर्देश दिए।
थाना कैसरगंज पुलिस ने गहन पूछताछ, घटनास्थल से साक्ष्य संकलन और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान सामने आया कि बच्चे की हत्या से पहले उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। पुलिस ने इस संबंध में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।
13 मई को गिरफ्तार हुआ आरोपी
पुलिस टीम ने 13 मई 2026 को ग्राम घाघी रघौली, मंझारा तौकली स्थित एक बाग से आरोपी मुकेश कुमार निषाद पुत्र राम सुमिरन निषाद निवासी दयालपुरवा, मंझारा तौकली, थाना कैसरगंज, बहराइच को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि उसने लक्ष्मण निषाद से पुरानी रंजिश के चलते उसके पुत्र धनंजय के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया और उसकी निर्मम हत्या कर दी।
एक माह के भीतर दाखिल हुआ आरोप पत्र
मामले की विवेचना थाना कैसरगंज के थानाध्यक्ष, विवेचक उपनिरीक्षक राजेश शुक्ला और क्षेत्राधिकारी कैसरगंज धीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की निगरानी में पूरी की गई।
पुलिस ने साक्ष्यों, गवाहों के बयान और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ घटना के लगभग एक माह के भीतर आरोप पत्र तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया।
दिनांक 11 जून 2026 को आरोपी के विरुद्ध धारा 103(1) बीएनएस और धारा 5M/6 पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप पत्र न्यायालय में भेजा गया।
न्यायालय ने 22 जून 2026 को आरोपों का विचारण किया और 23 जुलाई 2026 को आरोपी को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई।
पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी से मिली सजा
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश और पुलिस अधीक्षक बहराइच श्री विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में "ऑपरेशन कन्विक्शन" के तहत मामले की लगातार मॉनिटरिंग की गई।
न्यायालय में प्रभावी पैरवी के लिए मॉनिटरिंग सेल पुलिस कार्यालय बहराइच, एडीजीसी क्राइम श्री संत प्रताप सिंह एवं श्री संतोष सिंह, कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल बृजेश साहनी, प्रभारी थाना कैसरगंज राज कुमार पांडेय, थाना पैरोकार कांस्टेबल अमरेंद्र कुमार यादव और मॉनिटरिंग सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इन सभी के प्रयासों से न्यायालय ने 23 जुलाई 2026 को दोषी अभियुक्त मुकेश निषाद को मृत्युदंड और एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
सजा का विवरण
दोषी अभियुक्त मुकेश निषाद पुत्र सुमिरन निषाद, निवासी दयालपुरवा मंझारा तौकली, थाना कैसरगंज, जनपद बहराइच को:
धारा 103(1) बीएनएस के तहत: मृत्युदंड और 1,00,000 रुपये का अर्थदंड।
धारा 5M/6 पॉक्सो एक्ट के तहत: मृत्युदंड और 1,00,000 रुपये का अर्थदंड।
अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई।
पुलिस के अनुसार, वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन, सटीक विवेचना और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के कारण आरोपी को घटना के मात्र एक माह के भीतर कठोरतम दंड दिलाया जा सका।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
