केजीएमयू समेत प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में 'इंटर्न डॉक्टरों का धरना
— एम्स और पीजीआई के स्टूडेंट्स के समान स्टाइपेंड देने की मांग की
— केजीएमयू के 'इंटर्न्स डाक्टरों ने डॉ. के.के. सिंह को सौंपा ज्ञापन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी,केजीएमयू सहित प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस और बीडीएस स्टूडेंट्स ने अपना स्टाइपेंड बढ़ाने और एम्स और एसजीपीजीआई के स्टूडेंट्स के समान स्टाइपेंड देने की मांग को लेकर प्रदेश स्तर पर विरोध प्रदर्शन और धरना आयोजित किया। यह आंदोलन पूरे राज्य के मेडिकल कॉलेजों में फैला हुआ है।
प्रदेशव्यापी मांगें
उत्तर प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस और बीडीएस स्टूडेंट्स को एम्स और एसजीपीजीआई बराबर स्टाइपेंड दिया जाए,स्टाइपेंड की राशि में शीघ्र अति शीघ्र वृद्धि की जाए।
अधिकारियों का घेराव
मांगों को लेकर आक्रोशित एमबीबीएस और बीडीएस स्टूडेंट्स ने डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. रश्मि कुशवाहा, डॉ. भास्कर अग्रवाल और डीन पैरामेडिकल डॉ. के.के. सिंह का घेराव किया व अपना ज्ञापन सौंपा।
आंदोलन दो हफ्ते के लिए स्थगित:
अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन, व मरीजों की देखरेख और पढ़ाई के हित को ध्यान में रखते हुए स्टूडेंट्स ने फिलहाल अपने इस आंदोलन को दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है।
अधिकारियों का आश्वासन:
डीन डॉ. के. के. सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने स्टूडेंट्स को आश्वस्त किया है कि उनकी इन जायज मांगों को शासन और संबंधित उच्च अधिकारियों तक तुरंत पहुंचाया जाएगा।
पुनः आंदोलन की चेतावनी:
स्टूडेंट्स ने स्पष्ट किया है कि यदि दो हफ्ते के भीतर उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो वे पूरे प्रदेश स्तर पर पुनः आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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लेखक के बारे में
शुभम कश्यप को पत्रकारिता और मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं। उनकी विशेषज्ञता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी खबरों और अस्पताल आधारित रिपोर्टिंग में है, जहाँ वह विषयों को तथ्यपरक, सटीक और जिम्मेदार ढंग से प्रस्तुत करते हैं।
