मातृत्व लाभ का झांसा देकर 99 हजार की ठगी
साइबर सेल ने वापस कराए 25 हजार
मीरजापुर। प्रसूता को मातृत्व लाभ दिलाने का झांसा देकर स्वास्थ्यकर्मी बनकर साइबर ठगी करने वाले जालसाज के खिलाफ जमालपुर पुलिस की साइबर सेल ने कार्रवाई की। टीम ने ठगी की रकम में से 25,256 रुपये होल्ड कराकर पीड़िता के खाते में वापस करा दिए। रकम वापस मिलने पर परिवार ने पुलिस टीम का आभार जताया।
जमालपुर थाना क्षेत्र के सहजनी हर्दी गांव निवासी छाया सिंह पत्नी विनोद कुमार ने आठ अक्टूबर 2025 को साइबर सेल में शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने खुद को स्वास्थ्यकर्मी बताते हुए प्रसूता को मातृत्व लाभ दिलाने की बात कही। इसके बाद यूपीआई के माध्यम से उनके खाते से 99,999 रुपये निकाल लिए।
ये खबर भी पढ़े : काकोरी ट्रेन एक्शन की वर्षगांठ पर सीएम योगी समेत कई मुख्यमंत्रियों ने क्रांतिकारियों को किया नमनशिकायत मिलने पर साइबर सेल ने मामले को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन व क्षेत्राधिकारी चुनार के नेतृत्व में टीम ने लेनदेन की तकनीकी जांच की। कार्रवाई के दौरान ठगी की रकम में से 25,256 रुपये होल्ड करा लिए गए और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पूरी धनराशि पीड़िता के खाते में वापस करा दी गई।
खाते में रकम वापस पहुंचते ही पीड़िता के पति विनोद कुमार रविवार को थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों व साइबर सेल टीम का धन्यवाद किया।
कार्रवाई करने वाली टीम में थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक अमित कुमार, साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक आशीष कुमार सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर संजीव सरोज और आरक्षी विवेक यादव शामिल रहे।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि किसी अनजान व्यक्ति के फोन पर बैंक, यूपीआई या सरकारी योजना से जुड़ी जानकारी साझा न करें और किसी भी तरह का भुगतान करने से पहले पूरी तरह सत्यापन जरूर करें।
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पत्रकारिता में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले शिशिर पटेल वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ में पोर्टल इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘स्वतंत्र भारत’ से की और इसके बाद हिंदुस्तान तथा दैनिक जागरण जैसे प्रमुख समाचार पत्रों में ब्यूरो चीफ के रूप में काम किया। उत्तर प्रदेश में आधारित रहते हुए उन्हें समाचार संचालन, संपादन और डिजिटल मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
