चंदौली का ऐसा गांव जहां की महिलाओं ने कभी नहीं देखा शहर
मिशन शक्ति: उत्तर प्रदेश सरकार के 'मिशन शक्ति 5.0' का असर देखने को मिला है। इसके तहत उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक अनूठी और सराहनीय पहल की है। चंदौली पुलिस की मदद से जनपद के सुदूर पहाड़ी क्षेत्र में बसे एक छोटे से गांव पण्डी के ग्रामीणों को न सिर्फ वाराणसी शहर का भ्रमण कराया गया, बल्कि उन्हें श्री काशी विश्वनाथ मंदिर सहित कई प्रमुख देवस्थानों के दर्शन और पूजन भी कराए गए। सबसे खास बात यह है कि इस दल में शामिल अधिकांश महिलाओं ने अपने जीवन में पहली बार शहर देखा।
DIG की पहल पर तैयार हुआ पूरा खाका
दरअसल, 15 जून 2026 को पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) वाराणसी वैभव कृष्ण द्वारा मात्र 80 कच्चे मकानों वाले पण्डी गांव का निरीक्षण किया गया था। इस बेहद पिछड़े और सुदूर गांव में जब डीआईजी ने महिलाओं से बातचीत की, तो भावुक कर देने वाली कई बातें सामने आईं। बातचीत के दौरान वहां मौजूद 40-50 महिलाओं ने बताया कि उन्होंने आज तक कभी कोई शहर नहीं देखा है।
जब उनसे पूछा गया कि वाराणसी में वे सभी श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर के दर्शन करना चाहेंगी तो सभी ने इसकी इच्छा जतायी। इसके बाद डीआईजी वाराणसी ने मौके पर ही पुलिस अधीक्षक (SP) चंदौली आकाश पटेल को निर्देशित किया कि 'मिशन शक्ति 5.0' के अंतर्गत इन ग्रामीणों को पुलिस की बस से वाराणसी भ्रमण कराया जाए।
पुलिस ने कराया वाराणसी भ्रमण
इसी क्रम में सोमवार दिनांक 29-06-2026 को चंदौली पुलिस द्वारा 40 महिलायें (35 महिला जो कि 35 से 40 वर्ष की एवं 05 महिला 55 से 65 वर्ष के मध्य) तथा 10 पुरूष (सभी लगभग 32-45 वर्ष) को अपराह्न 01 बजे से रात्रि 08 बजे तक वाराणसी शहर में काशी विश्वनाथ मन्दिर के दर्शन, विषालाक्षी शक्तिपीठ मन्दिर के दर्शन, दुर्गा मन्दिर (दुर्गाकुण्ड) के दर्शन एवं संकटमोचन मन्दिर के दर्शन-पूजन कराये गये। इस कार्यक्रम के बीच में स्थानीय जालान्स वातानुकूलित रेस्टोरेन्ट में भोजन कराया गया। मन्दिरों के दर्शन के उपरान्त इन ग्रामीणों को शहरी जीवन का अनुभव कराने के लिए जेएचवी माल, कैन्टोमेन्ट क्षेत्र वाराणसी का भ्रमण भी कराया गया।
वाराणसी घूमकर क्या बोले लोग?
इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य सुदूर पहाड़ी क्षेत्र के ग्रामीणवासियों के जीवन में साकारात्मक ऊर्जा भरने, सशक्तिकरण की भावना पैदा करने एवं उन्हें आधुनिक जीवन में उपलब्ध नये-नये अवसरों को प्रकट कराना था, ताकि यह लोग और अधिक ऊर्जा से प्रेरित होकर अपने जीवन में आगे बढ़ सके।
इस भ्रमण में सम्मिलित सरस्वती (उम्र लगभग 70 वर्ष, निवासी ग्राम पंडी) ने कहा "हमने कभी पहले शहर नहीं देखा था। श्री काशी विश्वनाथ जी का दर्शन-पूजन करने के बाद बहुत अच्छा लग रहा है, यह सब बाबा की कृपा से हो सका। मन्दिर वालों ने भी हमारा बहुत सम्मान किया। शहर वाराणसी में हुए विकास को देखकर अच्छा लगा।"
दुर्गावती (उम्र लगभग 46 वर्ष) ने कहा- "साहब, इससे पहले हमने कभी शहर नहीं देखा था। पहली बार शहर देखकर बहुत खुशी हुई।"
इसी क्रम में पीयूष (उम्र लगभग 8 वर्ष) ने बताया- "जब मैं बनारस आने के लिए बस में बैठा तो उत्सुक था। यहां आकर मॉल की लिफ्ट में बैठा तो मुझे बहुत अच्छा लगा।"
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लेखक के बारे में
सुभाष पांडेय एक सीनियर और अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया क्षेत्र में 32 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, संपादन और रिपोर्टिंग के विभिन्न आयामों में कार्य करते हुए पत्रकारिता को मजबूत दिशा दी है।
