बीएचयू की शोध छात्रा चंचल ने एथेंस में विश्व स्तर सम्मेलन में टॉप-10 पोस्टर का सम्मान जीता

Published By Tarunmitra
On
Tarunmitra Picture

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के जूलॉजी विभाग की शोध छात्रा चंचल देवनानी ने ग्रीस के एथेंस शहर में हुए अंतरराष्ट्रीय मानव जीनोम मीटिंग (एचजीएम-2026) में टॉप-10 पोस्टर्स में जगह बनाई। इस सम्मेलन में कुल 230 पोस्टर लगाए गए थे। सम्मेलन 21 से 24 अप्रैल 2026 तक चला था। जीन विज्ञानी प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे के मार्गदर्शन में काम कर रही चंचल ने सिंधी लोगों के जीन संबंधी इतिहास और उनकी जनसंख्या की संरचना पर अपना शोध पेश किया। यह जानकारी मंगलवार को बीएचयू के जनसम्पर्क अधिकारी ने दी।

उन्होंने बताया कि चंचल देवनानी ने जीनोम-वाइड डेटा का इस्तेमाल करके देखा कि सिंधी लोगों में जीन की विविधता कैसे है, पुराने मिश्रण (एडमिक्सर) कब-कब हुए और उनकी जनसंख्या का इतिहास क्या रहा। इस अध्ययन को पूरे यूरेशिया (यूरोप-एशिया) के प्रवास और विकास की कहानी से जोड़ा गया है। चंचल देवनानी का पोस्टर दुनिया भर के बड़े जीन विशेषज्ञों को बहुत पसंद आया। जजों और वैज्ञानिकों ने कहा कि यह काम बहुत अच्छा और सही है। खासकर उन्होंने जीन के नतीजों को पुरानी घटनाओं और भाषा के सबूतों के साथ जोड़ने की तारीफ की। चंचल देवनानी ने अपनी इस उपलब्धि पर कहा, ह्यूमन जीनोम मीटिंग-2026 में अपना काम दिखाना मेरे शैक्षणिक जीवन का बहुत बड़ा पड़ाव है। इस सम्मेलन ने मुझे पॉपुलेशन जेनेटिक्स, बीमारी से जुड़े जीन और बड़े स्तर की जीन जांच की नई-नई खोजों से परिचित कराया। साथ ही भविष्य में नए सहयोग के रास्ते भी खुले हैं।” चंचल को इसके लिए बीएचयू, सीएसआईआर और हयुगों से अनुदान प्राप्त हुआ था। ह्यूमन जीनोम ऑर्गनाइजेशन द्वारा आयोजित यह मीटिंग दुनिया के सबसे बड़े जीन और जीनोमिक्स सम्मेलनों में से एक है। इसमें कई देशों के वैज्ञानिक एक साथ आकर बायोमेडिकल साइंस की नई खोजों पर चर्चा करते हैं।

लेखक के बारे में

Tarunmitra Picture

‘तरुणमित्र’ श्रम ही आधार, सिर्फ खबरों से सरोकार। के तर्ज पर प्रकाशित होने वाला ऐसा समचाार पत्र है जो वर्ष 1978 में पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जैसे सुविधाविहीन शहर से स्व0 समूह सम्पादक कैलाशनाथ के श्रम के बदौलत प्रकाशित होकर आज पांच प्रदेश (उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तराखण्ड) तक अपनी पहुंच बना चुका है। 

नवीनतम

लेखा विंग में चूहों का बिल, बदबू से तिलमिलाये, ढ़ढने निकली सेना!

एक सरकारी विभागीय मुख्यालय के लेखा विंग में चूहों के आतंक से सब परेशान
उत्तर प्रदेश 
लेखा विंग में चूहों का बिल, बदबू से तिलमिलाये, ढ़ढने निकली सेना!

लॉन्च हुआ टीबी मुक्त भारत ऐप

लखनऊ। टीबी मरीजों तक सहायता और जानकारी आसानी से पहुंचाने के लिए टीबी मुक्त भारत ऐप लॉन्च किया गया है।...
उत्तर प्रदेश 
लॉन्च हुआ टीबी मुक्त भारत ऐप

संघर्ष समिति ने कहा उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां समाप्त कर संवाद शुरू करें

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने पावर कॉरपोरेशन के शीर्ष प्रबंधन पर संवादहीनता तथा उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां...
उत्तर प्रदेश 
संघर्ष समिति ने कहा उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां समाप्त कर संवाद शुरू करें

उत्तर प्रदेश

लेखा विंग में चूहों का बिल, बदबू से तिलमिलाये, ढ़ढने निकली सेना!

एक सरकारी विभागीय मुख्यालय के लेखा विंग में चूहों के आतंक से सब परेशान
उत्तर प्रदेश 
लेखा विंग में चूहों का बिल, बदबू से तिलमिलाये, ढ़ढने निकली सेना!

लॉन्च हुआ टीबी मुक्त भारत ऐप

लखनऊ। टीबी मरीजों तक सहायता और जानकारी आसानी से पहुंचाने के लिए टीबी मुक्त भारत ऐप लॉन्च किया गया है।...
उत्तर प्रदेश 
लॉन्च हुआ टीबी मुक्त भारत ऐप