भारतीय मजदूर संघ ने मांगों के समाधान को लेकर सौंपा ज्ञापन
बस्ती - भारतीय मजदूर संघ, शाखा बस्ती द्वारा श्रमिकों एवं कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान को लेकर आज सोमवार को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री तथा केंद्रीय वित्त मंत्री सहित मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने मांगों पर तत्काल एवं समयबद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की।भारतीय मजदूर संघ की केंद्रीय कार्यसमिति के निर्णय के क्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि श्रमिकों की समस्याएं केवल वेतन एवं सेवा शर्तों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों, उचित पारिश्रमिक तथा श्रमिकों और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा से भी जुड़ी हैं।
ज्ञापन में EPS-95 के अंतर्गत न्यूनतम पेंशन ₹7,500 प्रतिमाह VDA सहित किए जाने तथा इसे आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने, EPF, ESIC एवं बोनस की सीलिंग दोगुनी करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, ग्रेच्युटी की गणना 30 दिन के वेतन के आधार पर बिना अधिकतम सीमा के करने तथा समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की मांग की गई।
इसके अलावा न्यूनतम मजदूरी में उचित वृद्धि, आंगनवाड़ी, आशा, मिड-डे मील, NHM सहित सभी स्कीम वर्करों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि, बैंकों में पांच दिवसीय कार्य व्यवस्था लागू करने, श्रम संहिताओं में मजदूर विरोधी प्रावधानों को संशोधित करने तथा विभिन्न संस्थानों के श्रमिकों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग भी की गई। LIC के डेवलपमेंट ऑफिसरों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा अनुचित बर्खास्तगी एवं वेतन कटौती पर रोक लगाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख अशोक सिंह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रमिक आज भी सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को श्रमिकों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए समयबद्ध निर्णय लेना चाहिए।
जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा कि श्रमिकों को उनके श्रम का उचित मूल्य और सामाजिक सुरक्षा मिलना उनका अधिकार है। EPS-95 पेंशन, न्यूनतम मजदूरी, समान कार्य के लिए समान वेतन तथा स्कीम वर्करों के मानदेय जैसे विषय लंबे समय से उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ श्रमिक हितों के लिए लोकतांत्रिक एवं संगठित तरीके से संघर्ष करता रहेगा।
जिला मंत्री राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ की मांगें श्रमिकों के साथ-साथ उनके परिवारों के भविष्य और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार को श्रमिकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि ज्ञापन में उल्लिखित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों और कर्मचारियों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
इस दौरान उमेश चन्द्र मिश्र, संजय कुमार पाण्डेय, संजय मणि त्रिपाठी, विक्रम प्रताप सिंह, निरंकुश शुक्ला,रविन्द्र चौधरी, उमेश चौधरी, राघवेंद्र सिंह, अभिषेक उपाध्याय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे |
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले सर्वेश श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में ‘तरुणमित्र’ के ब्यूरो प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज उनके काम की पहचान है।
