बदायूं की बेटी: छोटी उम्र, बड़ा जज्बा, बेसहारा बच्चों के साथ मनाती जन्मदिन
बदायूं। आज बात कर रहे है एक होनहार बेटी की जो आजकल की दुनियावी पार्टियों की चमक दमक से परे अपने जन्मदिन को अनाथ बेसहारा बच्चों और वृद्धा आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के साथ मनाती है, ये परिवार के संस्कारों का प्रतीक है।
हम बात कर रहे रहें हैं शहर के मोहल्ला चौधरी सराय नई बस्ती की रहने वाली अक्सा फात्मा की, जिनके पिता मुहम्मद शमसुद्दीन समाजसेवी के रूप में कार्य करते है। अक्सा फात्मा को प्रारंभिक शिक्षा उनके माता पिता ने खुद घर पर ही दी। फिर कक्षा एक में केंद्रीय विद्यालय शेखपुर में दाखिला कर दिया। जहां अक्सा फात्मा ने पहली ही साल में ही विद्यालय के इंटर नेशनल स्पेलिंग कंप्टीशन में नेशनल लेवल पर प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया तो वहीं हमिंग बर्ड एजुकेशन द्वारा आयोजित इंटर नेशनल स्पेल बी में ब्रॉन्ज मेडल जीत प्राप्त कर विद्यालय व जनपद का नाम रोशन किया। जिसके लिए क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश एवं महाराणा प्रताप विकास ट्रस्ट बदायूं द्वारा सम्मानित किया गया।
ये खबर भी पढ़े : वृंदावन योजना में 74 लाख रुपये की प्रॉपर्टी ठगी का खुलासा, 50-50 हजार के दो इनामी आरोपी गिरफ्तारअक्सा फात्मा के माता पिता दिनों ही सामाजिक संगठनों से जुड़कर सेवा कार्य करते रहते है। उन्हें शुरू से ही अपनी इकलौती संतान अक्सा फात्मा को वही संस्कार दिए है। आजकल जहां बच्चे अपना बर्थडे सेलिब्रेशन अपने दोस्तों, रिश्तेदारों के साथ किसी होटल या रेस्तरां में धूमधाम से मनाते है। वहीं अक्सा फात्मा शुरू से ही प्रत्येक वर्ष अपना जन्मदिन अनाथ आश्रम के बेसहारा अनाथ बच्चों और वृद्धा आश्रम के बुजुर्गो के बीच जाकर मनाती है और उन्हें अपनी खुशियों में शरीक कर उनकी दुआएं पाती है। आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी न होने के कारण माता पिता कोचिंग की जगह खुद ही अपनी बेटी की पढ़ाई पर ध्यान देते हैं और बेटी भी अपनी कड़ी मेहनत से उनका नाम रोशन करती हैं। आज अक्सा फात्मा अपनी मेहनत के बल पर केंद्रीय विद्यालय में कक्षा नौ में अध्ययनरत हैं।
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लेखक के बारे में
पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव रखने वाले शारिक नसीर वर्तमान में ‘तरुणमित्र’ के बदायूं ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। क्षेत्रीय मुद्दों पर ज़मीनी पकड़ और तथ्यपरक कवरेज के साथ वह लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं।
