आखिरकार डीएम साहब बड़े या जिले का पूर्ति विभाग? संशय बरकरार
ललित वर्मा
लखीमपुर-खीरी,04 जून(तरूणमित्र)। जिले का पूर्ति विभाग डीएम के निर्देशों को नहीं मानता इसलिए लोगों में यह सवाल उठना लाज़मी हैं की डीएम साहब बड़े या जिले का पूर्ति विभाग?15 दिन पूर्व ओदराहना की रहने वाली एक ऐसी विधवा महिला जिसके पास जीवन जीने के लिए शासन से मिलने वाली विधवा पेंशन के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं है ने जिले मुखिया से अंत्योदय राशन कार्ड बनाये जाने की माँग की थी जिसपर जिलाधिकारी द्वारा अपने मातहतों को निर्देशित भी किया गया था हरकत में आये जिम्मेदारों ने कोटेदार के द्वारा आवश्यक प्रपत्र भी मंगवा लिए थे परन्तु पूर्ति विभाग की हठधर्मिता के चलते अभी तक पीड़ित महिला के कार्ड के लिए विभाग द्वारा अब तक किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गयी है। अब सवाल यह उठता है की अंत्योदय कार्ड के लिए क्या इससे भी ज्यादा पात्र ब्यक्ति कोई हो सकता है जो सिर्फ और सरकारी अनुदान के सहारे अपनी जिंदगी जी रहा हो फिर भी जिले के जिम्मेदारों की नींद नहीं खुल रही। आख़िरकार जिले का पूर्ति विभाग ज़ब जिले के मुखिया की ही बात नहीं मानेगा तो फिर किसकी मानेगा?
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पिछले एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय देवांश सिंह खबरों की तेज़ समझ और ज़मीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं। रिपोर्टिंग और समाचार लेखन के क्षेत्र में उन्होंने निरंतर काम किया है। वर्तमान में वह ‘तरुणमित्र’ से जुड़े हुए हैं।
